Pragyan Ojha and Rohit Sharma: भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का सपना है कि वह वनडे वर्ल्ड कप 2027 किसी भी तरह से टीम इंडिया में बने रहे और उनके इस सपने को साकार चयन समिति के नए मुखिया प्रज्ञान ओझा कर सकते हैं।

दरअसल, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सोमवार को घोषणा की थी कि अजीत अगरकर के जाने के बाद ओझा नए चीफ सेलेक्टर होंगे और पूर्व स्पिनर रमेश पावार को चयन समिति का सदस्य बनाया गया है।

वहीं, रोहित शर्मा का हालिया फॉर्म भी कमाल का है और वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली तीन वनडे मैचों की सीरीज में उन्होंने एक शतक और एक अर्धशतकीय पारी खेली थी। इसी प्रदर्शन के आधार पर हिटमैन का चयन न्यूजीलैंड दौरे के लिए वनडे टीम में किया गया है।

ओझा से रोहित की पूरी दोस्ती!

भारतीय पुरुष टीम के नए मुख्य चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा 2008 से 2013 के बीच टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस दौरान रोहित शर्मा भी टीम इंडिया का हिस्सा थे और दोनों साथ में ड्रेसिंग रूम शेयर किया करते थे।

इसके अलावा ओझा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में डेक्कन चार्जर्स (अब सनराइजर्स हैदराबाद) के लिए 2008 से 2011 तक खेले और इस दौरान रोहित शर्मा के साथ 2008 से 2010 तक ड्रेसिंग रूम साझा किया।

इसके बाद रोहित शर्मा साल 2011 में मुंबई आ गए तो 2012 में प्रज्ञान ओझा भी एमआई के लिए खेलने लगे। हालांकि, रोहित को साल 2013 में एमआई का कप्तान नियुक्त किया गया तो ओझा 2013 से 2015 तक रोहित शर्मा की कप्तानी में भी खेल चुके हैं।

क्या ओझा निभाएंगे अपनी दोस्ती?

अब सवाल ये है कि क्या नए मुख्य चयनकर्ता बने प्रज्ञान ओझा अपनी दोस्ती निभाने के लिए रोहित शर्मा को लगातार मौके देते रहेंगे। आपको बता दें कि, रोहित शर्मा ने साल 2026 में भारत के लिए 12 वनडे पारियां खेली हैं, जिसमें उन्होंने 50.33 की शानदार औसत से 604 रन बनाए हैं। इस दौरान हिटमैन के बल्ले से 2 शतक और 2 अर्धशतकीय पारियां निकली हैं।

इस प्रदर्शन के आधार पर रोहित का आगे खेलना पक्का है लेकिन अगर उनके प्रदर्शन में हल्का भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है तो फिर अंतिम फैसला प्रज्ञान ओझा का होगा कि वह रोहित के साथ या उनके बिना आगे बढ़ना चाहते हैं, क्योंकि वनडे वर्ल्ड कप 2027 में अधिक समय नहीं बना है।

अगरकर नहीं चाहते थे रोहित खेले!

पूर्व चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कार्यकाल 4 अक्टूबर 2026 को समाप्त हो गया था। हालांकि, पहले लग रहा था कि अगरकर का कार्यकाल वनडे वर्ल्ड कप 2027 तक बढ़ाया जा सकता है लेकिन उन्होंने अचानक कुर्सी छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, खबरें आई थीं कि अगरकर और बीसीसीआई के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है और यह सब इंग्लैंड वनडे सीरीज के दौरान शुरू हुआ।

जहां अगरकर रोहित से आगे बढ़कर यशस्वी जायसवाल को मौका देना चाहते थे तो बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित के समर्थन में आकर बयान दिया कि वह भविष्य में खेलते रहेंगे और शायद यही एक बयान बीसीसीआई और अगरकर के बीच दूरियों का कारण बना। हालांकि, अगरकर के हटन से रोहित शर्मा को थोड़ी बहुत राहत जरूर मिली होगी।

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