ताजिकिस्तान दुशांबे: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सभी देशों से एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील की। SCO के सदस्यों को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद आज भी शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है।

आतंकवाद के खिलाफ सख्त और सामूहिक कार्रवाई की अपील

इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत के क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ सख्त और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संदर्भ में राजनाथ सिंह ने स्पष्ट करते हुए कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर किसी भी देश के साथ दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए। इस बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार की मौजूदगी के कारण भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर कूटनीतिक मतभेद चर्चा का विषय बनी।

आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को मिलकर करना होगा काम

राजनाथ सिंह ने कहा कि, आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सभी सदस्य देशों को मिलकर काम करना चाहिए। आतंकवादियों को शरण देने, उनकी मदद करने या उनके लिए सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए और आतंकवाद के मामले में राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं करना चाहिए एवं सभी देशों को मिलकर समान रुख अपनाना चाहिए

आतंकवाद से निपटने में कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं होना चाहिए

राजनाथ सिंह ने कहा, “आतंकवाद न सिर्फ़ बेगुनाहों की जान लेता है बल्कि निवेश और अर्थव्यवस्था में भी रुकावट डालता है। यह समाज को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उन मौकों से दूर रखता है जिनके वे हकदार हैं।” रक्षा मंत्री ने ज़ोर देते हुए कहा कि आतंकवाद को कोई सही नहीं ठहरा सकता। उन्होंने आगे कहा कि, “आतंकवाद से निपटने में कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं होना चाहिए और उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए जो आतंकवादियों को आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं, उनका सपोर्ट करते हैं या सुरक्षित पनाह देते हैं।

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