ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। गौर चौक यानी चार मूर्ति चौक पर बन रहा छह लेन का अंडरपास अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस अंडरपास को दिवाली से पहले वाहनों के लिए खोलने की तैयारी है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, परियोजना का करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब फिनिशिंग, लाइटिंग और सड़क पर निशान बनाने जैसे काम किए जा रहे हैं।

प्राधिकरण के अधिकारियों ने क्या बताया?

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर के मुताबिक, अंडरपास का काम अंतिम चरण में है। जरूरी परीक्षण पूरे होने के बाद इसे यातायात के लिए खोला जाएगा। वहीं, प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी ने बताया कि अंडरपास शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ और गौर सिटी की ओर आने-जाने वाले दो लाख से अधिक लोगों को रोजाना जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

700 मीटर लंबा और छह लेन का होगा अंडरपास

गौर चौक पर बन रहा यह अंडरपास करीब 700 मीटर लंबा है। इसे ताज हाईवे के समानांतर बनाया गया है। इसका मकसद इस व्यस्त चौराहे पर वाहनों का दबाव कम करना और लोगों को बिना बार-बार रुकावट के आगे बढ़ने की सुविधा देना है। अंडरपास चालू होने से सूरजपुर पुलिस लाइन की ओर से विजयनगर, गाजियाबाद जाने वाले और दूसरी दिशा से ग्रेटर नोएडा आने वाले वाहनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

अभी कौन-कौन से काम बाकी हैं?

अंडरपास का मुख्य निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन आम लोगों के लिए इसे खोलने से पहले कुछ जरूरी काम पूरे किए जाने हैं। इनमें सड़क पर ट्रैफिक मार्किंग, दीवारों पर पेंटिंग और लाइटिंग जैसे काम शामिल हैं। इसके अलावा, वाहनों की आवाजाही शुरू करने से पहले अंडरपास का परीक्षण भी किया जाएगा, ताकि संचालन के दौरान सामने आने वाली संभावित समस्याओं का पता लगाया जा सके।

अंडरपास की दीवारों पर दिखेगी कला

अंडरपास को आकर्षक बनाने के लिए इसकी दीवारों पर भगवान बुद्ध, सूरजपुर वेटलैंड के प्राकृतिक दृश्यों और ग्रेटर नोएडा की संस्कृति से जुड़ी पेंटिंग बनाई जा रही हैं। इसके साथ प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एलईडी लाइटें भी लगाई जाएंगी।

क्या दिवाली से पहले खत्म होगा जाम का इंतजार?

गौर चौक पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ने से लोगों को परेशानी होती है। ऐसे में अंडरपास खुलने से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, अभी इसे खोलने की निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है। इसलिए दिवाली से पहले संचालन शुरू होना तय नहीं माना जा सकता। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि परीक्षण और बाकी काम समय पर पूरे होते हैं या नहीं।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड के मदरसों में जुमे की छुट्टी खत्म, रविवार को अवकाश; धामी सरकार के फैसले पर सियासी संग्राम