PM Modi on RSS Foundation Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्थापना दिवस पर सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने संघ की 100 साल की यात्रा को सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव का शानदार शतक बताया। पीएम मोदी ने संगठन को आगे बढ़ाने वाले सभी महान व्यक्तियों को श्रद्धांजलि देते हुए उम्मीद जताई कि सेवा की यह भावना भविष्य में भी देश के विकास को मजबूत करती रहेगी।
पीएम मोदी ने एक्स पर दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि RSS स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को उनकी शुभकामनाएं। उन्होंने उन सभी लोगों को भी नमन किया, जिन्होंने वर्षों तक संगठन को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।
पीएम मोदी ने कहा कि RSS ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सद्भाव के 100 साल पूरे किए हैं। अनगिनत स्वयंसेवकों ने कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ समाज के लिए काम किया है। उन्होंने आशा जताई कि यह भावना आने वाले समय में भी राष्ट्रीय विकास को मजबूती प्रदान करेगी।
Today, on the special occasion of RSS Sthapana Divas, my greetings to all Swayamsevaks. I also pay homage to all those greats who have nurtured the RSS over the years. The RSS has completed a remarkable century of service, nation-building and social harmony. Countless Swayamsevaks have worked for society with a deep sense of duty and a nation-first spirit. May this spirit keep strengthening national development in the times to come. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस के विशेष अवसर पर सभी स्वयंसेवकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं! मैं उन सभी विभूतियों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और सेवाभाव से संघ को सींचा और संवारा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक प्रतिबद्धता का गौरवशाली शताब्दी वर्ष पूर्ण किया है। अनगिनत स्वयंसेवकों ने अपने समर्पण, कर्तव्य-निष्ठा और राष्ट्र-प्रथम की भावना से सदैव समाज के उत्थान के लिए कार्य किया है। मुझे विश्वास है कि यह भावना आने वाले समय में भी देश को और सशक्त एवं सुदृढ़ करेगी। @RSSorg
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2026
1925 में हुई थी RSS की स्थापना
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। इस साल संगठन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। संघ की वार्षिक विजयादशमी परंपरा स्थापना के समय से ही जारी है।
20 अक्टूबर को नागपुर के रेशिमबाग मैदान में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम के दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की और संगठन के संस्थापक डॉ. हेडगेवार को पुष्पांजलि अर्पित की। यह आयोजन संघ के शताब्दी वर्ष के समापन वर्ष के अवसर पर हुआ।
विजयादशमी कार्यक्रम में कई दिग्गज हुए शामिल
RSS के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए।
दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्ता को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। मुंबई में इजरायल के महावाणिज्य दूत भी कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों में शामिल थे।
मोहन भागवत ने हिमालयी क्षेत्र के विकास पर जताई चिंता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हिमालयी क्षेत्र में विकास के संतुलित मॉडल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एकतरफा विकास प्रयासों के कारण पर्यावरणीय अस्थिरता पैदा हो रही है।
भागवत ने क्षेत्र में पर्यावरणीय अस्थिरता से जुड़ी घटनाओं के कारण 1,400 से अधिक लोगों की मौत और 6,000 से अधिक लोगों के लापता होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विकास की योजनाओं में पारिस्थितिक संतुलन और मानव कल्याण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने भारत की सभ्यतागत दृष्टि, सामाजिक सद्भाव और सोशल मीडिया पर मिलने वाली सूचनाओं को सोच-समझकर परखने की जरूरत पर भी बात की।
नशे की समस्या पर भी जताई चिंता
मोहन भागवत ने नशे की बढ़ती समस्या को गंभीर राष्ट्रीय चुनौती बताते हुए इसके समाधान के लिए सरकार, प्रशासन और समाज के बीच समन्वित प्रयासों की जरूरत बताई।
उन्होंने भारत के सर्वांगीण विकास को संघ का अंतिम लक्ष्य बताया। पिछले सौ वर्षों में RSS और उससे जुड़े संगठनों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में काम किया है। संघ के स्वयंसेवक बाढ़, भूकंप और चक्रवात जैसी आपदाओं के दौरान राहत एवं पुनर्वास कार्यों में भी भाग लेते रहे हैं।
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