Ultra Processed Food Risky For Heart Health: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, रोजाना 100 ग्राम अतिरिक्त अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने से कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से जुड़ी घटनाओं का खतरा 14 प्रतिशत तक अधिक हो सकता है।
दिल की बीमारी से लेकर कैंसर तक का खतरा
रिपोर्ट में अधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाने और कई स्वास्थ्य समस्याओं के बीच संबंध पाया गया। इनमें दिल की बीमारियों का खतरा 24 प्रतिशत, कैंसर का 12 प्रतिशत और मोटापे या अधिक वजन का खतरा 23 प्रतिशत अधिक पाया गया। वहीं, मेटाबोलिक सिंड्रोम या डायबिटीज का खतरा 24 प्रतिशत, डिप्रेशन और एंग्जायटी का 27 प्रतिशत तथा पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा 31 प्रतिशत अधिक होने से जुड़ा था। हाई ब्लड प्रेशर और किसी भी कारण से मृत्यु का खतरा भी अधिक पाया गया।
क्या होते हैं अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड?
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ऐसे उत्पाद हैं, जिन्हें औद्योगिक स्तर पर कई प्रक्रियाओं से तैयार किया जाता है। इनमें पैकेटबंद स्नैक्स, मीठे पेय, इंस्टेंट नूडल्स और कई रेडी-टू-ईट उत्पाद शामिल हो सकते हैं। इनमें अक्सर अधिक नमक, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा होती है, जबकि फाइबर और कुछ जरूरी पोषक तत्व कम हो सकते हैं।
फूड प्रोसेसिंग और सेहत पर असर
साथ ही इन खाद्य पदार्थों में मौजूद कई एडिटिव्स का संयुक्त प्रभाव, यानी 'कॉकटेल इफेक्ट', सेहत को प्रभावित कर सकता है। इनकी संरचना आंतों के माइक्रोबायोम, सूजन और इंसुलिन रेजिस्टेंस पर भी असर डाल सकती है। कुछ प्रोसेसिंग प्रक्रियाओं के दौरान एक्रिलामाइड और एक्रोलिन जैसे हानिकारक कंपाउंड बन सकते हैं।
कम प्रोसेस्ड भोजन चुनना फायदेमंद
वहीं कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का सेवन घटाकर फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज और घर में तैयार ताजा भोजन को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, इस रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े जोखिम के बीच संबंध दर्शाते हैं, वे यह साबित नहीं करते कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड ही हर बीमारी का सीधा कारण है।
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