
बिहार की राजनीति में सत्ता संतुलन को लेकर नई तस्वीर सामने आ रही है। राज्य में 50-50 के फॉर्मूले पर सरकार के गठन और विस्तार की तैयारी तेज हो गई है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 7 मई को मंत्रिमंडल विस्तार का कार्यक्रम तय किया गया है, जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के नए मंत्री शपथ लेंगे। उन्हें राज्यपाल सय्यद अता हसनैन पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। हालांकि, मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर अभी सियासी हलकों में कयास जारी हैं।
सम्राट चौधरी ने अमित शाह से की मुलाकात
इससे पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, साथ ही एनडीए के सहयोगी दलों जदयू के राजीव रंजन सिंह, हम के जीतन राम मांझी और लोजपा (आर) के चिराग पासवान से चर्चा के बाद वे पटना लौटे। उधर, जिला प्रशासन ने गांधी मैदान में शपथ ग्रहण की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने इस पर टिप्पणी से बचते हुए इसे मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार बताया।
भाजपा और जदयू के बीच बराबरी का प्रतिनिधित्व
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार में भाजपा और जदयू के बीच बराबरी का प्रतिनिधित्व रहेगा। चूंकि जदयू ने मुख्यमंत्री पद भाजपा को दिया है, इसलिए मंत्रिमंडल में दोनों दलों के मंत्रियों की संख्या समान रखी जाएगी। संभावित फॉर्मूले के तहत कुल 16-16 सदस्य दोनों दलों से होंगे, जिसमें मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा कोटे से 15 और जदयू से 14 मंत्री हो सकते हैं, जबकि लोजपा (आर) को 2 और हम व अन्य सहयोगियों को एक-एक पद मिलने की संभावना है। कुछ पद अभी भी खाली रखे जा सकते हैं।
सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से की मुलाकात
इसी बीच, मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाओं के बीच सम्राट चौधरी ने जदयू प्रमुख नीतीश कुमार से उनके आवास पर मुलाकात की। दिल्ली से लौटते ही हुई इस बैठक को अहम माना जा रहा है, और माना जा रहा है कि इसमें मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़े अंतिम फैसलों पर चर्चा हुई।
Written By Toshi Shah


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