
केरलम के कोझिकोड जिले में निपाह वायरस संक्रमण का एक नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। जिला कलेक्टर एम. एस. माधविकुट्टी ने पुष्टि की कि रामनट्टुकारा क्षेत्र के 43 वर्षीय व्यक्ति में संक्रमण की पहचान हुई है। मरीज का उपचार कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में जारी है।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का जांच
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए कुल 77 लोगों का पता लगाया गया है। इनमें 58 स्वास्थ्यकर्मी, 14 पारिवारिक सदस्य तथा 5 मित्र और सहकर्मी शामिल हैं। फिलहाल इनमें से किसी में भी संक्रमण के लक्षण नहीं पाए गए हैं।
संपर्क में आए लोगों को तीन श्रेणियों में किया गया विभाजित
जोखिम के आधार पर संपर्क में आए लोगों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। दो व्यक्तियों को अत्यधिक जोखिम, 13 को उच्च जोखिम और 62 को निम्न जोखिम वर्ग में रखा गया है। अत्यधिक और उच्च जोखिम वाले सभी लोगों को निगरानी के तहत पृथक रखा गया है।
कैसे फैलता है निपाह वायरस?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, निपाह वायरस एक जूनोटिक संक्रमण है, जो पशुओं से मनुष्यों में फैल सकता है। यह संक्रमित भोजन के सेवन, दूषित वस्तुओं के संपर्क या संक्रमित व्यक्ति के साथ निकट संपर्क के माध्यम से भी फैल सकता है।
राज्य में शिगेला संक्रमण के मामले भी बढ़े
इस बीच, केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में शिगेला संक्रमण के नए मामलों की पुष्टि हुई है। तिरुवनंतपुरम में छह, कोल्लम में दो और कोझिकोड में तीन मरीजों में संक्रमण पाया गया है। वायनाड जिले में पहले से नौ मामले दर्ज किए जा चुके हैं। मंत्री ने जानकारी दी कि सात नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी लंबित है। वर्तमान में राज्य में 578 लोगों में शिगेला संक्रमण से जुड़े लक्षण देखे जा रहे हैं।
क्या है शिगेला संक्रमण?
शिगेला बैक्टीरिया के कारण होने वाला यह संक्रमण मुख्य रूप से दस्त, बुखार और पेट दर्द जैसी समस्याएं उत्पन्न करता है। यह आमतौर पर दूषित भोजन या पानी के सेवन तथा संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है।
Written By Toshi Shah















