
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार के आठ दिन बाद नए मंत्रियों और पदोन्नत राज्य मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया। इस फेरबदल में राजनीतिक और संगठनात्मक संतुलन की स्पष्ट झलक दिखाई दी। राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा के पक्ष में खुलकर समर्थन देने वाले मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति जैसा अहम विभाग सौंपा गया है। इसी विभाग के माध्यम से सरकार की मुफ्त राशन वितरण योजना संचालित होती है, इसलिए इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भूपेन्द्र चौधरी की सरकार में वापसी भी खास मानी जा रही
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी की सरकार में वापसी भी खास मानी जा रही है, उन्हें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी “एक जिला, एक उत्पाद” योजना से जुड़ा होने के कारण प्राथमिकता वाले विभागों में शामिल है। राज्यमंत्री से स्वतंत्र प्रभार पाने वाले अजीत सिंह पाल को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सौंपा गया है। वहीं सोमेन्द्र तोमर को राजनीतिक पेंशन, सैनिक कल्याण और प्रांतीय रक्षक दल विभाग का दायित्व दिया गया है।
इन्हें मिले ये विभाग
नई जिम्मेदारियों में कृष्णा पासवान को पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग मिला है, जबकि कैलाश सिंह राजपूत को ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सुरेन्द्र दलेर को राजस्व विभाग और हंसराज विश्वकर्मा को एमएसएमई विभाग में राज्य मंत्री बनाया गया है। इस फेरबदल के बाद राकेश सचान के विभागों में कटौती देखने को मिली है। उनसे एमएसएमई विभाग वापस ले लिया गया है और अब उनके पास केवल खादी, रेशम तथा हथकरघा उद्योग विभाग ही शेष रह गए हैं।
10 मई को हुआ था मंत्रिमंडल विस्तार
गौरतलब है कि योगी आदित्यनाथ सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार 10 मई को हुआ था। इसके बाद से विभागों के बंटवारे को लेकर लगातार राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही थीं। रविवार देर शाम घोषित विभागीय जिम्मेदारियों ने यह साफ कर दिया कि सरकार ने संगठन, राजनीतिक संदेश और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है।
Written By Toshi Shah



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