
दुनिया में ऐसे कई जीव मौजूद हैं, जिन्हें देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। कुछ अपनी सुंदरता से आकर्षित करते हैं, तो कुछ का डरावना रूप लोगों को उनसे दूर रहने पर मजबूर कर देता है। इन्हीं में एक बेहद अनोखा पक्षी है, जिसका नाम शूबिल हैं, इसका चेहरा और विशाल चोंच इसे किसी डरावनी फिल्म के जीव जैसा बना देते हैं, लेकिन इसकी असली कहानी इससे भी ज्यादा रोचक है। हैरानी की बात यह है कि इतना खतरनाक दिखने वाला पक्षी कई जगहों पर “स्टूपिड बर्ड” के नाम से भी जाना जाता है।
जूते जैसी दिखने वाली विशाल चोंच
शूबिल अफ्रीका के दलदली और नम इलाकों में पाया जाता है। खासतौर पर यह दक्षिण सूडान, युगांडा, इथियोपिया और जाम्बिया जैसे देशों के वेटलैंड क्षेत्रों में देखा जाता है। पहली नजर में लोग इसे सारस या बगुले की प्रजाति समझ लेते हैं, लेकिन वैज्ञानिक इसे पेलिकन परिवार के अधिक करीब मानते हैं। इस पक्षी की सबसे खास पहचान इसकी बड़ी और मजबूत चोंच है, जो आकार में जूते जैसी दिखाई देती है। इसी वजह से इसका नाम “शूबिल” पड़ा। इसकी चोंच लगभग एक फुट लंबी और काफी चौड़ी होती है, जिससे यह अपने शिकार को मजबूती से पकड़ लेता है।
शांत दिखने वाला लेकिन खतरनाक शिकारी
हालांकि शूबिल अक्सर शांत और स्थिर दिखाई देता है, लेकिन यह बेहद चालाक शिकारी माना जाता है। इसका भोजन मुख्य रूप से मछलियां, सांप, ईल और छोटे जलीय जीव होते हैं। कई बार यह छोटे मगरमच्छों और मॉनिटर लिजर्ड का भी शिकार कर लेता है। शिकार करने का इसका तरीका बेहद दिलचस्प होता है। यह घंटों तक पानी के किनारे बिना हिले खड़ा रह सकता है। जैसे ही कोई जीव इसकी पहुंच में आता है, यह अचानक तेज हमला कर उसे पकड़ लेता है। इसकी इसी तकनीक को वैज्ञानिक “कोलैप्सिंग अटैक” कहते हैं।
आखिर क्यों कहा जाता है “स्टूपिड बर्ड”?
इतनी ताकत और शानदार शिकार क्षमता होने के बावजूद शूबिल को “स्टूपिड बर्ड” कहा जाता है। माना जाता है कि कई बार यह बहुत धीमी प्रतिक्रिया देता है। कभी-कभी इसके सामने भोजन होने के बावजूद यह लंबे समय तक स्थिर खड़ा रहता है, मानो फैसला ही न कर पा रहा हो कि शिकार करना है या नहीं। इसके अलावा, इंसानों के करीब आने पर यह अपने पंखों को अजीब अंदाज में हिलाता है। कुछ विशेषज्ञ इसे इसके अभिवादन करने का तरीका मानते हैं। यही व्यवहार लोगों को इसे अलग और थोड़ा अजीब पक्षी मानने पर मजबूर करता है।
तेजी से घट रही है संख्या
प्राकृतिक आवास खत्म होने और अवैध तस्करी के कारण शूबिल की संख्या लगातार कम होती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय संरक्षण संगठनों के अनुसार दुनिया में अब इनकी संख्या बेहद सीमित रह गई है। यही वजह है कि इसे संरक्षण सूची में शामिल किया गया है। कुछ देशों में लोग इसे शौक और प्रतिष्ठा के प्रतीक के रूप में पालते भी हैं। दुर्लभ होने के कारण काले बाजार में इसकी कीमत हजारों डॉलर तक पहुंच जाती है।
Written By Toshi Shah

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