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संसद में सोमवार को मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, ऊर्जा सुरक्षा और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर विपक्ष ने सरकार से विस्तृत चर्चा की मांग की। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ। अब दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी सदन में हंगामे के आसार हैं। इससे पहले सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों ने कहा कि यह मुद्दा सीधे देश के आम लोगों और भारत की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहा है, इसलिए इस पर संसद में गंभीर बहस जरूरी है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि संसद का मूल उद्देश्य ही देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना है। शशि थरूर ने बताया, मध्य पूर्व में तनाव के कारण भारत की ऊर्जा सुरक्षा प्रभावित हो रही है, उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है और कतर से गैस की आपूर्ति भी फिलहाल बंद हो गई है, क्योंकि वहां ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित कर दिया गया है, उन्होंने कहा कि कीमतें बढ़ रही हैं, एलपीजी की कीमतों में 60 रुपए की वृद्धि हुई है और पेट्रोल की कीमत भी बढ़ने वाली है। इसलिए यह सब हमारे देश के लिए एक गंभीर समस्या बनने वाला है और इसलिए सरकार को एक जिम्मेदार और सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि हम सांसद में यही चाहते हैं, हमारे देश के लिए जरूरी और हमारे लोगों पर असर डालने वाले सभी मामलों पर हाउस के अंदर चर्चा होनी चाहिए।
ओम बिरला के खिलाफ लाया गया प्रस्ताव
विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया गया। संकल्प पेश करने के समर्थन में 50 से अधिक सदस्य खड़े हुए, जिसके बाद पीठासीन सभापति जगदंबिका पाल ने इस संकल्प को प्रस्तुत करने की अनुमति दी। बता दें कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर 10 घंटे तक चर्चा चलेगी। गौरव गोगोई ने भाषण शुरू करते हुए डिप्टी स्पीकर के न होने पर सवाल खड़े किए, कहा कि देश देख रहा है कि किस तरह से परंपराओं और नियमों का उल्लंघन हो रहा है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा उस दिन सदन में बार-बार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को रोका टोका गया। उस दिन बस राहुल ये कहना चाहते थे कि सेना प्रमुख को पीएम ने कहा कि जो उचित लगता है कर लो. जो तत्परता रक्षा मंत्री को दिखाना चाहिए थी, उन्होंने नहीं दिखाई। घंटों तक उनको रुकना पड़ा। पाकिस्तान की तरह यहां पर मिलिट्री लीडरशिप नहीं है। हमारी सेना पॉलिटिकल लीडरशिप की ओर देखती है।
इतना गैर जिम्मेदारी विपक्ष कभी नहीं देखा: अमित शाह
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "भविष्य में जब संसदीय रिकॉर्ड पर रिसर्च होगी, तो आंकड़े बताएंगे कि किरेन रिजिजू संसदीय कार्य मंत्री थे, जिन्होंने विपक्ष को सबसे ज्यादा टोका।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं सहमत हूं, किरेन रिजिजू जी ने संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर सबसे ज्यादा टोका है लेकिन हमने इतना गैर-जिम्मेदार विपक्ष भी कभी नहीं देखा।"
ओवैसी-निशिकांत दुबे के बीच तीखी बहस
सदन के शुरू होने के साथ ही AIMIM सांसद ओवैसी ने नियमों का उल्लेख करते हुए शक्तियों पर सवाल उठाए। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी नियमों का उल्लेख करते हुए पीठासीन पावर बताई। दोनों के बीच गरमा-गहमी देखने को मिली। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, इन सबकी बजाय अब डिबेट शुरू होनी चाहिए।
सरकार सभी चीज़ों पर नजर रख रही- JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी
JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने एलपीजी सिलेंडर की कमी पर कहा कि इतना बड़ा युद्ध चल रहा है तो सरकार चिंता में तो है और सरकार ने कमेटी बनाई है और कोई कमी नहीं है ये भी सरकार की तरफ से कहा गया है। पैनिक नहीं करना चाहिए सरकार सभी चीज़ों पर नजर रख रही है।
#WATCH दिल्ली: JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने एलपीजी सिलेंडर की कमी पर कहा, "...इतना बड़ा युद्ध चल रहा है तो सरकार चिंता में तो है और सरकार ने कमेटी बनाई है और कोई कमी नहीं है ये भी सरकार की तरफ से कहा गया है। पैनिक नहीं करना चाहिए सरकार सभी चीज़ों पर नजर रख… pic.twitter.com/4aurxs3LC5
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 10, 2026
Written By Toshi Shah

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