
अक्षय कुमार अपनी आने वाली फिल्म 'भूत बंगला' को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इसी बीच उन्होंने अपनी जिंदगी का सबसे इमोशनल और रोंगटे खड़े कर देने वाला किस्सा साझा किया है। यह कहानी उस वक्त की है जब अक्षय बहुत छोटे थे और वैष्णो देवी की यात्रा के दौरान उनकी जान पर बन आई थी।
मन्नत के एक साल बाद हुआ था जन्म
अक्षय कुमार ने बताया कि उनके माता-पिता ने वैष्णो देवी मंदिर में संतान के लिए मन्नत मांगी थी। उन्होंने प्रार्थना की थी कि उन्हें एक बच्चा दें, चाहे वह कितना ही शरारती क्यों न हो। इस मन्नत के ठीक एक साल बाद अक्षय का जन्म हुआ। जब अक्षय थोड़े बड़े हुए, तो उनके माता-पिता उन्हें माता रानी का शुक्रिया अदा करने के लिए दोबारा वैष्णो देवी लेकर गए, लेकिन तभी एक अनहोनी घट गई।

104 डिग्री बुखार और डॉक्टर्स ने खड़े किए हाथ
कटरा पहुँचते ही अक्षय की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें 103 से 104 डिग्री तक तेज बुखार चढ़ गया और वे बेहोश हो गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने अक्षय के माता-पिता से कह दिया कि बच्चे की हालत बहुत गंभीर है और उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाना पड़ेगा। उस समय माता-पिता के सामने बड़ी दुविधा थी कि वे यात्रा छोड़कर वापस जाएं या माता के दरबार तक का सफर पूरा करें।

अजनबी के एक शब्द ने बदल दी अक्षय की किस्मत
अक्षय की मां की आस्था अडिग थी। उन्होंने हार नहीं मानी और अक्षय को लाल कपड़े में लपेटकर मंदिर तक ले गईं। मंदिर के आंगन में बैठकर उनके माता-पिता रोते हुए बच्चे की जान की भीख मांग रहे थे। इसी बीच एक अजनबी ने अक्षय के पिता के पास आकर कहा— 'आपका बेटा बहुत प्यारी मुस्कान दे रहा है।' जब पिता ने अक्षय की तरफ देखा, तो वे वाकई मुस्कुरा रहे थे और चमत्कारिक रूप से उनका बुखार पूरी तरह उतर चुका था। अक्षय आज भी मानते हैं कि उनकी जान मां की आस्था और उस चमत्कार ने बचाई।

रिलीज के लिए तैयार 'भूत बंगला
वर्कफ्रंट की बात करें तो अक्षय कुमार 14 साल बाद निर्देशक प्रियदर्शन के साथ फिल्म 'भूत बंगला' में वापसी कर रहे हैं। फैंस इस हॉरर-कॉमेडी को लेकर बेहद उत्साहित हैं। फिल्म में तब्बू, परेश रावल और राजपाल यादव जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। यह फिल्म 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

Written by: Anushka sagar

.jpg)

.jpg)
.jpg)










