
पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक शुरू हुई। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब देश और दुनिया कई आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार,बैठक में सरकार के कामकाज की व्यापक समीक्षा के साथ-साथ आने वाले महीनों की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की जा रही है। इस उच्च-स्तरीय बैठक में केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों,स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों और विभिन्न मंत्रालयों के राज्य मंत्रियों ने हिस्सा लिया।
विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन
सूत्रों के मुताबिक,बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना और यह देखना है कि पिछले वर्षों में लिए गए फैसलों का जमीन पर कितना प्रभाव पड़ा है। सभी मंत्रालयों से बीते दो वर्षों में किए गए सुधारों और प्रशासनिक बदलावों की रिपोर्ट पहले ही कैबिनेट सचिवालय को सौंपने को कहा गया था। इसके अलावा,पिछले 12 वर्षों में लागू की गई सफल योजनाओं और कार्यक्रमों का ब्यौरा भी मांगा गया है,ताकि सरकार की उपलब्धियों का समग्र आकलन किया जा सके।
आम जनता से जुड़ी मु्द्दों पर होगी चर्चा
बैठक में खास तौर पर उन योजनाओं पर चर्चा होने की संभावना है, जिन्होंने आम जनता के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का दावा किया है। इनमें बुनियादी ढांचे का विकास, डिजिटल सेवाओं का विस्तार, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। सरकार यह भी समीक्षा कर सकती है कि इन योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से कैसे लागू किया जाए, ताकि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
इस बैठक में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा चर्चा
इस बैठक का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि वर्तमान समय में वैश्विक स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में बैठक में ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन कीमतों और महंगाई नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
नीति संबंधी प्राथमिकताओं पर किया जाएगा विचार
इसके अलावा,आगामी महीनों में सरकार की नीति संबंधी प्राथमिकताओं पर भी विचार किया जाएगा। माना जा रहा है कि रोजगार सृजन,निवेश बढ़ाने,विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने जैसे विषय एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। सरकार प्रशासनिक सुधारों और योजनाओं की बेहतर निगरानी के लिए नई रणनीतियों पर भी चर्चा कर सकती है।
देश की आर्थिक स्थिति को लेकर होंगे महत्वपूर्ण फैसले
कुल मिलाकर,प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हो रही यह बैठक केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं है,बल्कि इसे आने वाले समय के लिए सरकार की रणनीतिक दिशा तय करने वाली अहम बैठक के रूप में देखा जा रहा है। देश की आर्थिक स्थिति,वैश्विक चुनौतियों और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए इस बैठक के फैसले आगे की नीतियों पर महत्वपूर्ण असर डाल सकते हैं।
Written By: Geeta Sharma















