
PM Modi Sweden Visit: पीएम मोदी का स्वीडन दौरा भारत और यूरोप के बदलते रणनीतिक समीकरणों के बीच बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने एयरपोर्ट पर गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। जो दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दो दिवसीय दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और यूरोप के बीच तकनीकी, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग तेजी से नए आयाम हासिल कर रहा है।
प्रधानमंत्री और स्वीडिश समकक्ष के बीच अहम मुद्दों पर वार्ता
इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उनके स्वीडिश समकक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता होगी। इन चर्चाओं में व्यापार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रक्षा सहयोग, ग्रीन ट्रांजिशन, अंतरिक्ष तकनीक, उभरती टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे विषय प्रमुख रहेंगे। माना जा रहा है कि दोनों देश नवाचार और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की सबसे खास क्या है?
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा की सबसे खास बात यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ उनकी संयुक्त मौजूदगी होगी। दोनों नेता यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे, जिसे यूरोप के सबसे प्रभावशाली औद्योगिक और व्यापारिक मंचों में गिना जाता है। इस मंच पर वैश्विक निवेश, डिजिटल परिवर्तन, ग्रीन इंडस्ट्री और नई आर्थिक साझेदारियों पर चर्चा होने की संभावना है।
भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद PM की पहली यात्रा
यह दौरा इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि जनवरी 2026 में लागू हुए भारत-यूरोपियन यूनियन मुक्त व्यापार समझौते के बाद प्रधानमंत्री मोदी की यह पहली यूरोप यात्रा है। इस समझौते ने भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक संभावनाओं को नई गति दी है। वर्ष 2025 में भारत और स्वीडन के बीच व्यापार 7.75 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो दोनों देशों के मजबूत आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।
AI सहयोग को लेकर हो सकती है कई महत्वपूर्ण घोषणाएं
इस दौरे में ‘मेक इन इंडिया’, हरित ऊर्जा और AI सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं हो सकती हैं। स्वीडन पहले से ही ग्रीन टेक्नोलॉजी, क्लीन एनर्जी और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल है, जबकि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक स्तर पर नई रणनीतिक दिशा तय कर सकती है। डिजिटल इनोवेशन, हरित उद्योग और वैश्विक रणनीतिक सहयोग के नए एजेंडे के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह स्वीडन दौरा भारत-यूरोप संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Written By: Geeta Sharma




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