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मंगलवार 4 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रुझानों और संभावित सत्ता परिवर्तन की अटकलों के बीच शेयर बाजार में को खासा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती और दोपहर के कारोबार में निवेशकों की नजरें बंगाल के चुनावी आंकड़ों पर टिकी रहीं, जिसका सीधा असर कोलकाता से जुड़ी और उपभोक्ता क्षेत्र की कई कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। दोपहर के कारोबार में बाजार में मिश्रित रुझान देखने को मिला। जहां कुछ कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी रही, वहीं कई प्रमुख शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई।
तेजी वाले शेयरों में रही खरीदारी
1. FMCG और रिटेल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी। विशाल मेगा मार्ट के शेयर करीब 2% की बढ़त के साथ 124.65 रुपये पर कारोबार करते दिखे। इसी तरह ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज के शेयर लगभग 1% की तेजी के साथ 5,765 रुपये के स्तर पर पहुंचे।
2. सेनको गोल्ड के शेयरों में सबसे अधिक हलचल देखी गई और यह करीब 8% की तेजी के साथ 337.85 रुपये तक पहुंच गया। इमामी के शेयरों में भी 2% से अधिक की बढ़त दर्ज की गई और यह 453.95 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
3. गणेश कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में लगभग 5% की तेजी देखने को मिली, जबकि टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स 1% से अधिक की बढ़त के साथ 1,156.40 रुपये पर रहा। श्री सीमेंट और टीटागढ़ रेल कॉरपोरेशन जैसे शेयरों में भी हल्की तेजी दर्ज की गई।
गिरावट वाले शेयरों पर दबाव
1. वहीं दूसरी ओर कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। सरकारी कंपनी कोल इंडिया के शेयर करीब 0.65% टूटकर 478.20 रुपये पर आ गए। आईटीसी के शेयरों में भी लगभग 1% की गिरावट दर्ज की गई और यह 311.80 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
2. गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली, जो करीब 6% तक फिसल गए। एवररेडी, हिमाद्री स्पेशियलटी, बर्जर पेंट्स और एक्साइड इंडस्ट्रीज जैसे शेयरों में भी 0.5% से 3% तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार का समग्र रुख
1. शेयर बाजार में दिनभर उतार-चढ़ाव बना रहा। सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से लगभग 700 अंक नीचे आ गया, हालांकि दोपहर बाद यह 300 अंकों की बढ़त के साथ 77,296.70 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। निफ्टी भी लगभग 130 अंकों की तेजी के साथ 24,132.05 पर बंद होने की ओर बढ़ा।
2. बंगाल चुनावी रुझानों और संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट, एविएशन और ऑटो सेक्टर में आने वाले दिनों में निवेश बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है, यदि राजनीतिक स्थिरता की दिशा स्पष्ट होती है।
Written By: Geeta Sharma


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