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Viral News: आजकल ऑफिस में वर्क कल्चर काफी टॉक्सिक होता जा रहा है। कई बड़ी कंपनियों में अगर कोई काम सीखना चाहता है तो इसे काम सीखने को कम मिलता है बल्कि उसके साथ गलत व्यवहार किया जाता है। इन दिनों इंटर्नशिप का मतलब सीखना कम और शोषण ज्यादा होता जा रहा है। ऐसा हमारा कहना नहीं है, बल्कि एक रिपोर्ट में दावा किया गया है। बता दें, चीन से कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है। जो सोशल मीडिया पर अब चर्चा का विषय बना हुआ है। आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा?
पहले ही दिन इंटर्न को नौकरी से किया गया बाहर
जानकारी के अनुसार चीन से एक हैरान कर देना वाला मामला सामने आया है। जहां एक स्टूडेंट को पहले ही दिन नौकरी से निकाल दिया गया। बताया जा रहा कि स्टूडेंट को उसकी इंटर्नशिप के पहले ही दिन इसलिए निकाल दिया गया, क्योंकि उसने ऑफिस आवर्स के बाद वापस काम करने से मना कर दिया। वहीं इस मामले के बाद ऑफिस कल्चर को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी हुई है।
'कंपनी का फोकस सिर्प मुनाफे पर है'
बता दें, युवक एक कोचिंग फर्म 'अल्फा टेस्ट' में बतौर इंटर्न काम करना शुरू किया था। पहले ही दिन युवक ने सोचा की जमकर काम करके सबको इम्प्रेस कर देगा, लेकिन ऑफिस आवर के बाद जो हुआ उसके बारे में शायद ही उसने कल्पना तक न की हो। बताया जा रहा कि युवक ने शाम 6:30 बजे तक रुककर अपना सारा काम निपटाकर घर को लौट गया। वहीं रेडिट पर वायरल पोस्ट के अनुसार, घर पहुंचते ही ऑफिस से एक सीनियर का फोन आया। सीनियर ने फोन कर उसे हुक्म दिया गया कि वह तुरंत दफ्तर लौटे, लेकिन वापसी की कोई ठोस वजह नहीं थी, बस एक रैंडम डिमांड थी। फिर जब इंटर्न ने इसपर कहा कि वह वापस नहीं आ सकता, तो उससे फोन पर ही कह दिया गया कि कल से आने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही कंपनी की ओर से ऐसा कहा गया कि हमारा फोकस सिर्फ मुनाफे और काम पर है, न कर्मचारियों के पर्सनल टाइम पर। हमारी सोच आपसे मेल नहीं खाती, इसलिए आप किसी और जगह इंटर्न के लिए अप्लाई कर दें।
सैलरी 'चवन्नी' और काम 'अठन्नी'
वहीं कहा जा रहा है कि इस इंटर्नशिप की सच्चाई इसकी सैलरी में छिपी है। युवक ने बताया कि उसे रोजाना सिर्फ 200 RMB (यानी ₹2,600 से ज्यादा) दिए जा रहे थे। उसने आगे यह भी बताया कि अगर घंटों के हिसाब से देखें तो यह 2.50 डॉलर प्रति घंटे से भी कम है। इतनी कम सैलरी में कंपनी चाहती थी कि मैं सातों दिन उनके इशारों पर नाचूं।
ये इंटर्नशिप नहीं गुलामी!
हालांकि जब यह पोस्ट वायरल हुई तो लोगों ने कंपनी की क्लास लगा दी। इस पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बता दें, एक यूजर ने कमेंट कर कहा, इंटर्नशिप सिखाने के लिए होती है, न कि गुलाम बनाने के लिए। तो दूसरे ने भड़कते हुए कहा, ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए। वहीं अन्य यूजर ने लिखा, अपने कॉलेज को रिपोर्ट करो ताकि फ्यूचर में कोई अन्य छात्र इस जाल में न फंसे।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए दी जा रही है। TNP न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता है।
Writen By: Geeta Sharma

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