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आजकल बदलती लाइफस्टाइल के चलते कई बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, उसमें से एक फैटी लिवर बीमारी है जो हर तीसरे या चौथे व्यक्ति को हो रहा है। अनुमान है कि देश के करीब 38 प्रतिशत एडल्ट नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज से प्रभावित हो रहे है। चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अक्सर बिना किसी साफ लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ती रहती है। डाक्टरों के हिसाब से फैटी लिवर की पक्की जांच अल्ट्रासाउंड या लिवर फंक्शन टेस्ट से ही होती है, लेकिन कुछ शुरुआती संकेत ऐसे होते हैं जिन्हें लोग घर पर भी महसूस कर सकते हैं।
पेट के आसपास बढ़ती चर्बी
फैटी लिवर का एक अहम संकेत है कमर और पेट के आसपास चर्बी बढ़ने लगती है। कई बार व्यक्ति बाहर से दुबला-पतला दिखता है, लेकिन कमर का साइज धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। डाक्टर बताते हैं कि लिवर और अंदरूनी अंगों के आसपास जमा चर्बी, त्वचा के नीचे जमा फैट से कहीं ज्यादा खतरनाक होती है। यह इंसुलिन रेजिस्टेंस और खराब मेटाबॉलिक हेल्थ से जुड़ी होती है, जो फैटी लिवर की शुरुआती चेतावनी मानी जाती है।
दाईं पसलियों के नीचे भारीपन या हल्का दर्द
पेट के दाहिने हिस्से में, पसलियों के नीचे भारीपन या हल्का दर्द होना भी यह संकेत हैं। यह दर्द अक्सर तेज नहीं होता, बल्कि दबाव, जकड़न या भरे-भरेपन जैसा महसूस होता है। चूंकि लिवर शरीर के दाहिने हिस्से में होता है, इसलिए ऐसी परेशानी अगर थकान और वजन बढ़ने के साथ दिखे, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
भूख कम लगना
जब लिवर चर्बी और टॉक्सिन्स को ठीक से प्रोसेस नहीं कर पाता, तो पाचन से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो जाती है। हल्का खाने पर पेट भरा-भरा लगना या खाने में मन न लगना यह भी एक संकेत हैं। डाक्टर के अनुसार समय के साथ पाचन तंत्र का संतुलन बिगड़ने लगता है, जो भले ही तुरंत गंभीर न लगे, लेकिन किसी गहरी समस्या की ओर इशारा करता है।
written by- Toshi Shah

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