पटना: पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के लोकभवन मार्च को लेकर बुधवार को सियासी माहौल गरमा गया। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ने लगे। डाकबंगला चौराहे के पास पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
मार्च में तेजस्वी यादव के साथ मीसा भारती समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं के हाथों में तिरंगा और पोस्टर नजर आए। कई जगह प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बैरिकेडिंग पर चढ़ने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जबकि कई बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ते दिखाई दिए।
डाकबंगला पर टूटी बैरिकेडिंग, आगे बढ़ा हुजूम
जेपी गोलंबर से शुरू हुआ मार्च गांधी मैदान होते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंचा। यहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उसे तोड़ दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी बेली रोड की ओर बढ़ने लगे। तेजस्वी यादव भी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़े। प्रशासन ने मार्च को देखते हुए पटना में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और आंसू गैस के इंतजाम किए गए थे।
तिरंगे के साथ उतरे कार्यकर्ता, प्रशासन ने की अपील
मार्च में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा लेकर पहुंचे। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से तिरंगे की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई। एसडीएम सदर कृतिका ने कहा कि तिरंगे को पानी या कीचड़ में न जाने दिया जाए और उसे सम्मानपूर्वक रखा जाए।
पटना में ट्रैफिक भी प्रभावित
मार्च के कारण पटना के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। डाकबंगला, गांधी मैदान, एग्जीबिशन रोड और आयकर चौराहे समेत कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। कई जगह जाम की स्थिति भी बनी, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
क्यों निकाला गया मार्च?
RJD की ओर से यह मार्च छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों तथा सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान कथित एके-47 फायरिंग के विरोध में निकाला गया है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोकभवन की ओर बढ़ने की कोशिश की।
नेता तेजस्वी यादव ने क्या कहा?
वहीं इस घटना पर RJD ने कहा कि यह सब सम्राट चौधरी के आदेश पर हुआ है। वाटर कैनन के प्रयोग करने से अब कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। जनता जाग चुकी है और सड़कों पर है। अब सरकार को झुकना ही पड़ेगा। ऐसे काम नहीं चलेगा।
और पढ़ें: ‘मैं एंटी-नेशनल था...’, NDA के न्योते पर अभिजीत दीपके का तंज, बोले- अब अचानक कैसे बदल गया नजरिया?
Written by Shailesh Yadav