Surya Grahan 2026: साल 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त की रात यानी आज लगने जा रहा है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में यहां रहने वाले लोगों के लिए सूतक काल और ग्रहण से जुड़े कई धार्मिक नियम लागू नहीं माने जाएंगे।लेकिन ग्रहण को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। खासकर जब ग्रहण रात के समय लगे तो क्या उस दौरान सोना सही है या नहीं? धार्मिक मान्यताएं और विज्ञान इस बारे में अलग-अलग नजरिया रखते हैं।

ग्रहण के समय सोने को लेकर क्या मान्यता है?

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण और सूतक काल के दौरान कुछ कामों से बचने की सलाह दी जाती है। इनमें भोजन करना, शुभ कार्य करना और सोना भी शामिल बताया जाता है।कई लोग ग्रहण के समय जागकर भगवान का ध्यान, मंत्र जाप या पूजा-पाठ करते हैं। हालांकि धार्मिक परंपराओं में कुछ वर्गों के लिए इन नियमों में छूट भी बताई गई है।मान्यताओं के अनुसार, बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों पर ग्रहण के नियमों का पालन अनिवार्य नहीं माना जाता।

भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा, तो क्या सो सकते हैं?

इस सूर्य ग्रहण के दौरान भारत में रात का समय रहेगा और यहां से इसे देखा नहीं जा सकेगा। इसी वजह से भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब किसी स्थान पर ग्रहण दिखाई नहीं देता तो वहां ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन जरूरी नहीं माना जाता। इसलिए भारत में लोग सामान्य दिनों की तरह सो सकते हैं।

विज्ञान क्या कहता है?

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूर्य ग्रहण के दौरान सोने या जागने का शरीर पर कोई सीधा नकारात्मक प्रभाव साबित नहीं हुआ है।विज्ञान के अनुसार ग्रहण एक खगोलीय घटना है, जिसका नींद या स्वास्थ्य पर कोई विशेष असर नहीं पड़ता। इसलिए ग्रहण के समय सोना या जागना व्यक्ति की अपनी आस्था, सुविधा और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।ग्रहण को लेकर धार्मिक परंपराओं का पालन करना व्यक्तिगत विश्वास का विषय है, जबकि वैज्ञानिक रूप से इसमें डरने जैसी कोई बात नहीं मानी जाती।

Written By: Shivashakti Narayan Singh