Purvanchal Yatra: संविधान की शपथ लेकर सरकार में आए लोगों का संवैधानिक दायित्व है कि वे व्यक्ति की गरिमा स्थापित करें और गरिमापूर्ण जीवन के लिए रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन और आवास की गारंटी सुनिश्चित करें। यह बात रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की पूर्वांचल यात्रा के दौरान जौनपुर शहर में आयोजित संवाद कार्यक्रमों में उठाई गई।

पूर्वांचल यात्रा के तहत टीडी कॉलेज और राज कॉलेज में छात्रों एवं अध्यापकों से संवाद किया गया। इसके अलावा जिला कलेक्ट्रेट और दीवानी कचहरी में अधिवक्ताओं से संपर्क कर रोजगार और सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।वक्ताओं ने कहा कि देश में संसाधनों की कमी नहीं है। यदि सरकार कॉर्पोरेट संपत्ति पर मात्र दो प्रतिशत संपत्ति टैक्स लगाए और काली पूंजी पर नियंत्रण करे तो मौजूदा बजट का आकार बढ़ाया जा सकता है और जनकल्याण पर अधिक खर्च किया जा सकता है।

प्रदेश में निवेश और रोजगार सृजन पर उठाए सवाल

वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश का विकास अवरुद्ध है। सरकार के पूंजी निवेश के दावे खोखले हैं और इन्वेस्टर्स समिट्स मजाक बनकर रह गई हैं। प्रदेश के लोगों की बैंकों में जमा पूंजी दूसरे प्रदेशों में जा रही है, जबकि इसका निवेश उत्तर प्रदेश में नहीं किया जा रहा है।यात्रा के दौरान मांग उठाई गई कि प्रदेश के बैंकों में जमा पूंजी का इस्तेमाल प्रदेश में ही निवेश और रोजगार सृजन के लिए किया जाए।

पूर्व विधायक ने किया यात्रा का स्वागत

पूर्वांचल यात्रा का जौनपुर में स्वागत पूर्व विधायक अरशद खान ने किया, जबकि गांधीवादी सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष शिराज अहमद ने धन्यवाद ज्ञापित किया। संवाद का संचालन डॉ. शम्मी कुमार सिंह ने किया।कार्यक्रम को ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश महासचिव दिनकर कपूर, यात्रा संयोजक मंडल सदस्य डॉ. राम प्रकाश गौतम, रोजगार अधिकार अभियान के नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेश सचान, जफर अहमद, रूबी सिंह गोड़, निशांत राज, अर्जुन प्रसाद, गुलशन गोड, इंद्रदेव खरवार और कृपाशंकर पनिका आदि ने संबोधित किया।

रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान की ओर से।

Written By: एम अतहर उद्दीन मुन्ने भारती

Edited By: Shivashakti Narayan Singh