India Unique City: भारत में जहां हर शहर की अपनी खान-पान की संस्कृति है, वहीं देश में एक ऐसा शहर भी है जहां अंडा, मांस और मछली बेचना कानूनन प्रतिबंधित है। सुनने में भले ही यह हैरान करने वाला लगे, लेकिन भारत का ये शहर अपनी इसी अनोखी पहचान के लिए दुनियाभर में जाना जाता है।

जहां अंडा आम, वहां इसकी बिक्री पर रोक
भारत के अधिकांश हिस्सों में अंडा रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा है। लेकिन इस शहर की तस्वीर बिल्कुल अलग है। यहां अंडे की बिक्री और मांसाहारी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर प्रतिबंध है। यह बात पहली बार सुनने वाले लोगों को सबसे ज्यादा हैरान करती है। स्थानीय प्रशासन समय-समय पर नियमों के पालन को लेकर निगरानी भी करता है।

2014 में लिया गया बड़ा फैसला
इस शहर में मांसाहारी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध की कहानी साल 2014 में एक बड़े फैसले के साथ और चर्चा में आई। जैन संतों और स्थानीय समुदाय की मांग के बाद प्रशासन ने शहर में मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर रोक लगा दी। इसके साथ ही पशु वध और मांस से जुड़े कई व्यवसायों पर भी प्रतिबंध लगाया गया। इस फैसले ने देश के सबसे अनोखे शहरों में शामिल कर दिया।

कौन सा शहर है?
गुजरात के भावनगर जिले में स्थित पालीताना को जैन धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में गिना जाता है। यहां की शत्रुंजय पहाड़ियों पर सैकड़ों जैन मंदिर मौजूद हैं। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जैन धर्म की अहिंसा की परंपरा और जीवों के प्रति करुणा इस शहर के जीवन का अहम हिस्सा है।

धार्मिक आस्था बनी शहर की पहचान
पालीताना की यह व्यवस्था सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि यहां की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी हुई है। जैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च महत्व दिया जाता है और जीवों की हत्या को पाप माना जाता है। इसी विचार का प्रभाव यहां के खान-पान और स्थानीय जीवनशैली में भी साफ दिखाई देता है। हालांकि, इस प्रतिबंध को लेकर समय-समय पर अलग-अलग राय भी सामने आती रही हैं।

कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं और स्थानीय संस्कृति के सम्मान से जोड़कर देखते हैं, जबकि कुछ लोग इसे खान-पान की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नजरिए से देखते हैं। इसके बावजूद पालीताना आज अपनी पवित्रता, मंदिरों और अनोखी खान-पान व्यवस्था के कारण देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। यहां पहुंचने वाला कोई भी व्यक्ति जब यह सुनता है कि शहर में अंडा, मांस और मछली की बिक्री प्रतिबंधित है, तो उसके लिए यह किसी हैरानी से कम नहीं होता।