देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले पर देश के नाम दिए संबोधन में कई अहम बातों पर चर्चाएं की। देश की तरक्की से लेकर बीते वर्षों में हुए बदलाव व आने वाले नए भारत के लक्ष्य को लेकर बनाई गई रणनीति के बारे में जनता बताया। इसके साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने आज लाल किले पर विकसित भारत और ग्लोबलाइजेशन के अहम मुद्दे को उठाया। पीएम ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि, एक समय था जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ एयरकंडीशनर चेंबर में बैठकर सोचने वाले लोग हमें बता रहे थे कि ग्लोबलाइजेशन का क्या होगा? लेकिन पूरी दुनिया ने देखा कि पिछले 1 दशक में लोगों ने ग्लोबलाइजेशन बोलना ही बंद कर दिया। जहां से ग्लोबलाइजेशन की आवाजें आती थीं, अब वही आवाजें सुनाई भी नहीं देती। लेकिन दुर्भाग्य से इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने अपना रुतबा दिखाने के लिए संसाधनों को वेपनाइज्ड करने का खेल खेला। दुनिया अपने पास जो कुछ भी है उसे वेपनाइज्ड करने में लगी है। संसाधनों का वेपनाइज्ड, पेट्रोल, डीजल, खाद, दवाईयां, इतना ही नहीं भूभाग को भी वेपनाइज्ड किया जा रहा है। ऐसे समय अगर हम आत्मनिर्भर के मंत्र को लेकर 10 साल सही दिशा में न चले होते तो हम ऐसी चुनौतियों का मजबूती से सामना कैसे करते।

2047 विकसित भारत का है लक्ष्य

पीएम नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर भी कई बड़ी बाते कही। पीएम ने कहा कि- मैने जो भूमिका आपके सामने रखी है, उसके पीछे 2047 का लक्ष्य, मजबूत नींव पर खड़ा है। 2047 विकसित भारत का लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बीते 12 वर्षों में देशवासियों ने अपना सामर्थ्य दिखाया है सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और अगला एक-चौथाई हमारे लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है। अब हम रुकेंगे नहीं, हमारी गति नहीं रुकेगी, हमारी दिशा तय है। हमें उसे प्राप्त करके रहना है। इसके लिए हमें हमारे वर्क कल्चर को बदलना होगा, हमारे वर्क कल्चर को बदलते हुए हमें हमारी सोच को भी बदलना होगा। हमें हमारे काम की गति को भी बदलना होगा। जो काम पिछले 5-7 दशक में नहीं हुए हैं, वो काम हमें आगामी 5-7 साल में करने हैं। मेरा भरोसा है, मेरी देश की युवा शक्ति पर, मेरे देश के नौजवानों पर, मेरे देश की माताओं बहनों पर, मेरे देश के किसानों पर, मेरे देश के मजदूरों पर, कि हम इस सपने को साकार कर सकते हैं।

फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां भारत की होनी चाहिए

पीएम ने देश को आगे बढ़ाने के लिए कहा कि अभी कुछ चीजें मैंने बताई है लेकिन मैं इससे भी आगे सोचता हूं। मैं जरा देश को झकझोरना चाहता हूं, मैं देश की शक्ति को भी झकझोरना चाहता हूं। देश यानी केवल सरकार नहीं होती है, देश का मतलब हर नागरिक से जुड़ाव है। क्या हम सोच नहीं सकते कि फॉर्च्यून 500 की चर्चा तो हम बहुत सुनते हैं, आने वाले 1 दशक में इन फॉर्च्यून 500 में 50 कंपनियां भारत की क्यों न हों, ये लक्ष्य हमारा भी होना चाहिए। भारत का भी एक बैंक टॉप 5 बैंकों में शामिल होना चाहिए। समय की मांग है कि दुनिया की 5 बड़ी फार्मा कंपनियों में भारत की भी 1-2 फार्मा कंपनियों का नाम गूंजना चाहिए। क्या समय की मांग नहीं है कि ग्लोबल लीडरशिप अब हमारे हाथ में होनी चाहिए? सामर्थ्य है, हमारा लंबा इतिहास भी है, भाषाओं पर हमारा प्रभुत्व है। हमें विश्व में पहुंचना चाहिए। हमारे ऐसे ब्रांड हों, जिससे दुनिया आकर्षित होती है। हमारे ब्रांड हमारी पहचान हो और विश्व के लिए एक डेस्टिनेशन बन जाए। हमें इसके लिए काम करना होगा। पीएम ने राज्य सरकारों व स्थानीय स्वराज्य की संस्थाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत सरकार का भी ये दायित्व है कि हमें अपने सुधारों की गति बढ़ानी होगी। हम बीते हुए काल के नीति नियमों पर नहीं चल सकते हमें आने वाले काल के अनुसार नीति नियमों को गढ़ना होगा।

 

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Written By: MADHVI TANWAR