US-Iran War: अमेरिकी-ईरान के बीच जारी तनाव अब सिर्फ दो देशों की बात नहीं रही। ईरान ने एक ऐसी धमकी दी है, जिसने दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ा दी है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी दे दी है।

अब इस मामले में ईरान ने पलटवार करते हुए समुद्र के नीचे बिछी अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट केबलों को नुकसान पहुंचाने की सलाह दी है। अब सवाल यह है कि अगर ऐसा होता है क्या भारत समेत दुनिया के कई देशों में इंटरनेट सेवा ठप हो जाएगी। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

ईरान की धमकी से मचा हड़कंप

डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से हमले की धमकी के बाद अब ईरान ने जोरदार पलटवार किया है। ईरान के एक अधिकारी ने वॉशिंगटन को "आग से न खेलने" की चेतावनी देते हुए कहा,

"अगर ईरान पर हमला होता है, तो फिर कोई 'रेड लाइन' (सीमा) नहीं बचेगी। समुद्र के नीचे बिछी केबलों से लेकर सैन्य ठिकानों तक हाँ तक कि गुप्त ठिकानों पर भी हमले हो सकते हैं।" यानि यह तो साफ है कि दुनिया में लगातार एक अस्थिरता बनी हुई है।

क्या दुनियाभर में ठप हो जाएगा इंटरनेट?

अगर ईरान की तरफ से केवल को नुकसान पहुंचाया जाता है तो खाड़ी देशों में बड़े पैमाने पर इंटरनेट बंद हो सकता है और कनेक्टिविटी की गंभीर समस्याएं आ सकती हैं। बैंकों, पेमेंट सिस्टम, क्लाउड प्लेटफॉर्म और व्यवसायों के कामकाज में भारी रुकावट आ सकती है। सरकारी, सैन्य और आपातकालीन संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

कई केबल कट जाने से खाड़ी के कुछ हिस्से वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क से कट सकते हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में संचार का बड़ा संकट पैदा हो सकता है। बताते चले कि संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी, इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन के अनुसार, दुनिया भर का लगभग 99 प्रतिशत इंटरनेट ट्रैफिक समुद्र के नीचे बिछी केबलों के ज़रिए आता-जाता है।

भारत पर कितना पड़ेगा असर?

अगर ईरान खाड़ी में समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को निशाना बनाता है, तो भारत में इंटरनेट पूरी तरह बंद होने की बजाय उसकी स्पीड कम होने, कुछ ऐप्स में परेशानी और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में रुकावट आने का खतरा ज्यादा है। भारत की यूरोप और पश्चिम एशिया से जुड़ी इंटरनेट कनेक्टिविटी इन केबलों पर निर्भर करती है।

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