Marco Rubio: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ एक हल्के-फुल्के अंदाज में ऐसी बात कही, जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान आ गई। बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री भारत के दौरे पर है और दोनों देशों के बीच कभी मुद्दों पर सहमति बनने की उम्मीद है। चलिए आपको बताते है क्या है पूरी कहानी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने Marco Rubio पर ली चुटकी
फ्रीडम 250 रिसेप्शन में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, "सेक्रेटरी रुबियो, जब तक आप क्रिकेट को नहीं समझ लेते, तब तक आपको भारत का दोस्त नहीं माना जाएगा। आपके प्रमुख क्रिकेट खिलाड़ियों में से एक, सौरभ नेत्रवलकर, मुंबई शहर से हैं। अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के जश्न के मौके पर, आप सभी के साथ मुंबई में शामिल होना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। सेक्रेटरी रुबियो यहाँ इसलिए आए हैं क्योंकि भारत के लिए मुंबई का विशेष महत्व है और अमेरिका के साथ हमारे संबंधों में भी इसका एक खास स्थान है।
मुंबई बेशक भारत की आर्थिक राजधानी है, लेकिन यह उससे कहीं बढ़कर है। बॉलीवुड इसकी पहचान का एक अहम हिस्सा है, और यह शहर शिक्षा का केंद्र होने के साथ-साथ रिसर्च और टेक्नोलॉजी का भी एक बड़ा हब है। यहाँ की उद्यमशीलता की भावना, इसके बंदरगाहों के जरिए होने वाले व्यापार में, और खेल, संस्कृति, मीडिया तथा संगीत से जुड़ी इसकी परंपराओं में साफ झलकती है"।
भारत पहुंचते ही क्या बोले मार्को रूबियो?
अपनी भारत यात्रा के दौरान, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, "सबसे पहले, मैं यह बताना चाहूंगा कि भारत के विदेश मंत्री इस साल चार बार अमेरिका जा चुके हैं। यह दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। यह दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह अमेरिका का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और व्यावसायिक साझेदार है। हम रक्षा के क्षेत्र में भी काफी सहयोग करते हैं।
वे 'क्वाड' (Quad) के एक अहम सदस्य हैं। वे एक मजबूत रणनीतिक साझेदार हैं। मुझे नहीं लगता कि हमने अभी तक पर्याप्त प्रगति की है, और मुझे लगता है कि हमें इस दिशा में और आगे बढ़ने की जरूरत है।"