International News: यूक्रेन की राजधानी कीव में एक बार फिर रूसी हमला हुआ है। यह एक हवाई हमला था, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई और 6 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।खारकीव शहर के एक आवासीय इलाके में स्थित किराने की दुकान पर हवाई हमला किया है। ऐसे में एक बार फिर यही सवाल उठ रहा है आखिर कब दोनों देश एक साथ संधि वार्ता करेंगे? आखिर कब दोनों देशों के बीच चल रहे इस घातक युद्ध पर पूर्ण विराम लगेगा?

क्योंकि यह पहला हवाई हमला नहीं है। जिसमें लोगों की जान गई है। इससे पहले भी कीव में रूस ने हवाई हमला किया था। जिसमें करीब 37 लोगों की मौत हो गई थी। इस हवाई हमले का असली मकसद कम से कम 50 रिहायशी इमारतों को नुकसान पहुंचा था। लगातार हो रहे हवाई हमलों के बाद से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

काफी समय से हो रहा है युद्ध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध विराम लगाने के साथ-साथ एक साथ समझौता व बातचीत करने की बात कही। लेकिन ट्रंप ने यह भी कहा कि जेलेंस्की से ज्यादा आसान पुतिन से बातचीत करना है। जेलेंस्की के आगे जैसे ही समझौते की बात की जाती है। तो वह पीछे हट जाते हैं। इस युद्ध को काफी समय पहले ही खत्म हो जाना चाहिए था। लेकिन जेलेंस्की इस पर शांति समझौता बनाए रखने के लिए आगे ही नहीं आना चाहते हैं।

लाखों की बिजली हुई गुल

क्योंकि दोनों ही देशों के बीच चल रहे इस युद्ध को लंबा समय हो चुका है। साल 2014 में शुरू हुआ युद्ध अभी भी लगातार जारी है। साल 2026 में रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है।

रूस ने सर्दियों से पहले यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे और बिजली ग्रिड पर अपने मिसाइल और ड्रोन हमलों को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। रूस ने खार्किव, रिव्ने, क्रामाटोर्स्क और वोलिन समेत कई क्षेत्रों में ऊर्जा संयंत्रों और सब स्टेशनों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए है। जिसमें लाखों की बिजली गुल हो गई।

यांडेक्स के डेटा सेंटरों पर हमला

रूस अब बड़ी मिसाइलों के साथ-साथ जेट-पावर्ड 'शाहिद' और 'गारोन' ड्रोनों का लगातार इस्तेमाल कर रहा है। जिससे यूक्रेन की एयर डिफेंस प्रणाली को थाका जा सके। यूक्रेन ने भी रूसी ठिकानों और तकनीकी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिसमें कलुगा और सासोवो में रूसी कंपनी 'यांडेक्स' के डेटा सेंटरों पर किए गए ड्रोन हमले शामिल हैं।

आज तक रूस-यूक्रेन संघर्ष अपडेट के अनुसार, अमेरिका और यूक्रेन के बीच संबंधों में तनाव के बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कांग्रेस द्वारा पारित रूस पर नए प्रतिबंधों को रोकने जैसी खबरें भी सामने आई हैं।

ट्रंप ने बदला पाला

करीब 5 साल से रूस के साथ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन के सामने नई मुसीबत खड़ी हो गई है। क्योंकि अमेरिका के हथियारों और खुफिया जानकारी से यूक्रेनी सेना को लाभ मिल रहा है। यूक्रेनी सेना लगातार रूसी हमलों का मुकाबला कर रही है। लेकिन ट्रंप अब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ खड़े हैं।

ट्रम्प ने महज एक हफ्ते में 4 ऐसे कदम उठाए हैं। जिनसे यूक्रेन की मुश्किलें बढ़ गईं है। ऐसे में अब सवाल यह है कि अगर ट्रंप ने यूक्रेन को सैन्य मदद देना बंद कर दिया तो उसकी सेना का क्या होगा? क्या यूक्रेन अमेरिकी मदद के बगैर की रूस का मुकाबला कर सकता है? ट्रंप के बदले रुख से पुतिन को कितना फायदा मिल सकता है?

क्या जल्द युद्धविराम होगा?

फिलहाल इसकी कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है। 20 अक्टूबर को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की नॉर्वे में यूरोपीय नेताओं के साथ युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा करने वाले हैं। अमेरिका की मध्यस्थता से भी कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन हमलों के लगातार जारी रहने से व्यापक युद्धविराम की राह अब भी अनिश्चित है।

यह भी पढ़ें: भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू! भारतीय निर्यातकों से छात्रों तक किसे होगा कितना फायदा?