INS Samarthak: हिंदी महासागर में भारत लगातार अपनी ताकत बढ़ाने में लगा हुआ है, ताकि पाकिस्तान, चीन जैसे पड़ोसी मुल्क से निपटा जा सके। इसी बीच आज भारतीय नौसेना में स्वदेशी मल्टी-पर्पज पोत INS Samarthak शामिल हो चुका है, जो चंद सेकेंड में दुश्मनों के ठिकानों को तबाह कर सकता है। यह पोत समुद्री निगरानी, गश्त, मानवरहित प्रणालियों के संचालन और आधुनिक हथियारों के परीक्षण जैसी कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाएगा।
INS Samarthak दुश्मनों को सिखाएगा सबक
INS Samarthak भारतीय नौसेना का स्वदेशी मल्टी-पर्पज वेसल यानी बहुउद्देश्यीय पोत है। इसका निर्माण लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने तमिलनाडु के कट्टुपल्ली स्थित शिपयार्ड में किया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। इसे समुद्री निगरानी से लेकर हथियारों और सेंसरों के परीक्षण तथा मानवरहित प्रणालियों के संचालन में सहायता देने के लिए तैयार किया गया है। यानि समुद्र में किसी भी अवैध गतिविधि का यह जहाज मुंहतोड़ जवाब दे सकता है।
Pakistan की क्यों बढ़ सकती है चिंता?
हिंद महासागर भारत के लिए व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान भी अरब सागर में अपनी समुद्री सीमाओं और व्यापारिक मार्गों की सुरक्षा पर ध्यान देता है। ऐसे में भारतीय नौसेना की निगरानी, तकनीकी परीक्षण और मानवरहित प्रणालियों से जुड़ी क्षमताओं का विस्तार क्षेत्रीय रणनीतिक संतुलन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
INS Samarthak की विशेषताएं
अगर इस युद्धपोत के खासियत की बात करें तो यह समुद्री क्षेत्रों में निगरानी और गश्त के अभियानों में सहायता करेगा। मानवरहित समुद्री और हवाई प्रणालियों को संचालित करने तथा उनके परीक्षण में मदद कर सकता है। समुद्र में गश्त और निगरानी अभियानों के लिए तैयार किया गया है। नई मिसाइलों, सेंसरों और अन्य नौसैनिक प्रणालियों के परीक्षण में सहायता कर सकता है।