India-America Ties: कहते है अगर आप तेजी से तरक्की करते है तो सबसे पहले आपके पड़ोसी नुक्स निकालना शुरू कर देते है। क्योंकि वह कभी नहीं चाहते कि आप आगे बढ़े। यही हाल कुछ चीन का भी हो रहा है। भारत की लगातार बढ़ती ताकत देख चीन जैसे पड़ोसी देश को मिर्ची लग रही है। दरअसल अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द भारत आने वाले है। लेकिन यह बात चीन को बिल्कुल अच्छी नहीं लग रही है।
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत को 'सलाह' देने वाला एक संपादकीय लिखा है। लेख में मुख्य तौर पर यह बताया गया है अमेरिका भारत का इस्तेमाल कर रहा है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी जानकारी।
अमेरिका-भारत की दोस्ती देख बौखलाया चीन
चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने अपने संपादकीय में लिखा, "अमेरिका-भारत संबंधों ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि कैसे एक बड़ी ताकत अपने प्रभाव का इस्तेमाल करती है - वाशिंगटन एक पुराना खेल खेल रहा है। पहले रणनीतिक वादों के जाल में फंसाकर आपको बंधक बनाना, और फिर आर्थिक दबाव डालकर आपको दबाना। नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन फरवरी में तय हुआ अमेरिका-भारत व्यापार ढांचा समझौता (ट्रेड फ्रेमवर्क एग्रीमेंट) अभी तक हस्ताक्षरित नहीं हो पाया है"।
अमेरिका को लेकर चीन का बड़ा दावा
पोस्ट में आगे लिखा गया है कि, "वाशिंगटन अपने "रणनीतिक साझेदारों" को उनकी उपयोगिता के आधार पर रैंक करता है। जब उसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत का साथ चाहिए होता है, तो वह उसे अपना साझेदार कहता है, लेकिन जब उसे अपने उद्योगों को बचाना होता है, तो वह बेझिझक टैरिफ (शुल्क) का हथियार इस्तेमाल कर लेता है। जापान और दक्षिण कोरिया उसके सैन्य सहयोगी हैं; ऑस्ट्रेलिया "फाइव आइज" (Five Eyes) का हिस्सा है। वहीं वाशिंगटन की नजर में भारत बस एक ऐसा मोहरा है, जिसकी अहमियत कभी भी बदली जा सकती है।
नई दिल्ली के लिए सबसे चिंता की बात यह है कि मौजूदा अमेरिकी प्रशासन भारत से तीन बड़े कदम उठाने की मांग कर रहा है। रूस से तेल की खरीद कम करना, अपने कृषि बाजार खोलना, और अमेरिका से ऊर्जा आयात बढ़ाना। और खबरों के अनुसार, इस बार वे चाहते हैं कि भारत वेनेजुएला से और अधिक तेल खरीदे - ऐसा तेल जिस पर अमेरिका पहले ही अपना एकाधिकार (monopoly) कायम कर चुका है"।
भारत की बढ़ती ताकत से चीन को क्यों लगी मिर्ची
यह झुठलाया नहीं जा सकता कि चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और वह भारत से कई आगे है, लेकिन अब उसको टक्कर देने के बाद भारत अपने पैर जमा रहा है। यह बात चीन को बिल्कुल अच्छी नहीं लग रही है। इसके अलावा अमेरिका और भारत के रिश्तों में सुधार भी ड्रैगन को पसंद नहीं आ रहे है। पूरी दुनिया में भारत का लगातार दबदबा बनता जा रहा है। इन्हीं कुछ कारणों से चीन की बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं अब चीन के इस लेख ने कई चीजों को साफ कर दिया है।
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