Bangladesh: पड़ोसी मुल्क में एक ऐसी बीमारी ने तांडव मचाना शुरू कर दिया है, जिससे अभी तक हजारों लोगों की जान चली गई है। बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार इसे रोकने में पूरी तरह से नाकाम नजर आ रही है। हम बात कर रहे है, जानलेवा खसरा बीमारी की, ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस बीमारी से 7 लोगों की मौत हो गई है। मौत का आंकड़ा 1200 के आसपास पहुंच चुका है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या भारत पर भी इस बीमारी का खतरा मंडरा रहा है। आईए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
बांग्लादेश में खसरा बीमारी का तांडव जारी
बांग्लादेश में खसरे (मीजल्स) का प्रकोप बेकाबू हो गया है। रविवार सुबह 8 बजे (स्थानीय समय) तक पिछले 24 घंटों में, खसरे जैसे लक्षणों के कारण 7 बच्चों की मौत हो गई। इसके साथ ही, इस प्रकोप से मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,196 हो गई है।
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अनुसार, इन 7 मौतों को खसरे से जुड़ी संदिग्ध मौतें माना गया है। 'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, इन नई मौतों के बाद खसरे से जुड़ी संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 1,092 हो गई है, जबकि खसरे से हुई पुष्टि (कन्फर्म) मौतों की संख्या 104 पर स्थिर है।
रविवार सुबह तक के 24 घंटों में, बांग्लादेश में खसरे के 1,254 संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे संदिग्ध मामलों की कुल संख्या बढ़कर 213,244 हो गई है। इसी दौरान, खसरे के 65 नए मामलों की पुष्टि हुई, जिससे देश में कुल कन्फर्म मामलों की संख्या 23,122 तक पहुंच गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
आखिर क्या है खसरा और क्यों फैल रहा है संक्रमण?
खसरा एक बेहद संक्रामक वायरल बीमारी है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और सांस के जरिए हवा में मौजूद संक्रामक कणों से फैल सकती है। जिन बच्चों को खसरे का टीका नहीं लगा है या जिनका टीकाकरण अधूरा है, उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, बांग्लादेश में टीकाकरण से जुड़ी कमियों ने इस प्रकोप को गंभीर बनाने में भूमिका निभाई है।
वर्ष 2025 में खसरे के पहले टीके का कवरेज घटकर लगभग 90 प्रतिशत और दूसरे टीके का कवरेज 86 प्रतिशत रह गया था। WHO के मुताबिक, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए दोनों खुराकों का कम से कम 95 प्रतिशत कवरेज हासिल करना महत्वपूर्ण है।
भारत पर भी मंडरा रहा है खतरा?
बांग्लादेश में खसरे के बढ़ते मामले भारत के लिए सतर्क रहने का संकेत हैं। दोनों देशों के बीच सीमा पार यात्रा और व्यापार होता है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के एक देश से दूसरे देश में पहुंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अप्रैल 2026 की अपनी स्थिति रिपोर्ट में बांग्लादेश से भारत सहित पड़ोसी देशों में संक्रमण पहुंचने के जोखिम का उल्लेख किया था। संगठन ने विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों में निगरानी और संदिग्ध मामलों की जल्द पहचान पर जोर दिया था।