Prayagraj News: अंदावा चौराहे के पास स्थित श्री राधे हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच विवाद हो गया। परिजनों ने अस्पताल पर इलाज के नाम पर पांच लाख रुपये लेने और मरीज को बाहर करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अस्पताल से निकलने के बाद मरीज की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और वहां हंगामा किया।
मामले ने तब नया मोड़ लिया, जब अस्पताल के डॉक्टर सुमित मिश्रा ने प्रेस वार्ता कर परिजनों के व्यवहार और मुआवजे की मांग पर सवाल उठाए। दोनों पक्षों के बीच विवाद की असल वजह और इलाज के दौरान क्या हुआ, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पांच लाख रुपये लेने और अस्पताल से बाहर करने का आरोप
परिजनों के मुताबिक, उन्होंने मरीज को इलाज के लिए श्री राधे हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। उनका आरोप है कि इलाज के नाम पर अस्पताल में पांच लाख रुपये जमा कराए गए। इसके बाद मरीज को अस्पताल से बाहर कर दिया गया। परिजन मरीज को लेकर स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) पहुंचे, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर दोबारा श्री राधे हॉस्पिटल पहुंचे और अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
डॉक्टर ने प्रेस वार्ता कर परिजनों की मांग पर उठाए सवाल
विवाद के बीच डॉक्टर सुमित मिश्रा की ओर से परिजनों को 50 हजार रुपये नकद और दो लाख 80 हजार रुपये का चेक दिए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस भुगतान की परिस्थितियों और दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। डॉक्टर सुमित मिश्रा ने प्रेस वार्ता में अस्पताल के सामने शव रखकर पैसे और मुआवजे की मांग किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने इस तरह के व्यवहार को संविधान के विपरीत बताया। डॉक्टर के बयान के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
इस मामले में एक तरफ परिजन इलाज के लिए पांच लाख रुपये लेने और मरीज को अस्पताल से बाहर किए जाने का आरोप लगा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर ने परिजनों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल, मरीज की मौत की परिस्थितियों, इलाज के दौरान हुई घटनाओं और दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की ओर से जांच या कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में किसकी क्या जिम्मेदारी बनती है।
यह भी पढ़ें: मिथिला एक्सप्रेस में तलाशी के दौरान मिली कस्तूरी ब्रांड की शराब, चार नाबालिग हिरासत में
रिपोर्टर: कमलेश गुप्ता