राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रदेश की 16 जिला परिषदों और 104 पंचायत समितियों में आज मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। चुनाव को लेकर प्रशासन और मतदान दलों ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस चरण में कुल 85 लाख 7 हजार 306 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। इनमें करीब 43.86 लाख पुरुष और 41.20 लाख महिला मतदाता शामिल हैं। चुनावी मुकाबले में जिला परिषद के 293 वार्डों से 1,693 उम्मीदवार मैदान में हैं, जबकि पंचायत समिति के 1,788 वार्डों में 5,233 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस तरह पहले चरण में कुल 6,926 उम्मीदवारों के बीच चुनावी मुकाबला है। मतदान के लिए पूरे क्षेत्र में 9,886 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं।
दो पदों के लिए अलग-अलग ईवीएम से होगा मतदान
मतदान केंद्र पर पहुंचने वाले मतदाताओं को जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य, दोनों पदों के लिए वोट डालना होगा। इसके लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर अलग-अलग ईवीएम की व्यवस्था की गई है। यानी मतदाता दो अलग-अलग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के माध्यम से अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का चयन करेंगे।
वोट डालने के लिए 11 अन्य पहचान पत्र भी मान्य
राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित दस्तावेजों के इस्तेमाल की अनुमति दी है। वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में मतदाता आयोग द्वारा स्वीकृत 11 अन्य फोटोयुक्त पहचान पत्रों में से किसी मान्य दस्तावेज का उपयोग कर सकते हैं। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।
तर्जनी उंगली पर लगाई जाएगी अमिट स्याही
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतदान के दौरान मतदाताओं के उल्टे हाथ की तर्जनी उंगली पर अमिट स्याही लगाई जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान की प्रक्रिया को व्यवस्थित रखना और एक ही मतदाता द्वारा दोबारा वोट डालने की संभावना को रोकना है। पांच दिन तक गांवों में तैनात रहेंगे चुनावी कार्मिक
22 से 25 अक्टूबर तक चलेगा चुनावी कार्यक्रम
राजस्थान में पंचायती राज चुनाव का कार्यक्रम 22 से 25 अक्टूबर तक निर्धारित किया गया है। इस दौरान जयपुर सहित संबंधित 16 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति के कुल 2,392 वार्डों में चुनावी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। निर्वाचन कार्य में लगे कार्मिकों को लगातार कई दिनों तक ग्रामीण क्षेत्रों में रहकर मतदान सहित अन्य आवश्यक जिम्मेदारियां निभानी होंगी। पहले चरण के मतदान को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनावी अमला पूरी तरह मुस्तैद है।
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