चेन्नई: तमिलनाडु में मानसून की तैयारियों को लेकर मंत्री सेंगोट्टैयन ने कहा कि प्रकृति को कोई हरा नहीं सकता, लेकिन मुख्यमंत्री लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बारिश के मौसम से पहले एहतियाती और राहत उपायों के संबंध में सभी राज्य सरकार के विभागों को व्यापक निर्देश जारी किए हैं।
प्रकृति को कोई हरा नहीं सकते लेकिन आपदा से बचा सकते है
मानसून की तैयारियों को लेकर मंत्री सेंगोट्टैयन ने कहा कि मौसम संबंधी चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशासन की तैयारी पूरे जोर पर है और सरकार के इसके लिए सक्रिय प्रयास कर रही है। इस संदर्भ में मंत्री सेनगोट्टैयन ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को बरसात के मौसम के दौरान किए जाने वाले कार्यों के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपनी बातों को दोहराते हुए कहा कि प्रकृति को कोई हरा नहीं सकता, लेकिन मुख्यमंत्री ऐसे नेता हैं जो लोगों को प्रकृति से बचा सकते हैं और उनके कारण देश समृद्ध होगा।
CM का आपदा प्रबंधन एवं लोगों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम
मंत्री सेंगोट्टैयन ने कहा कि मुख्यमंत्री मानसून के दौरान आपदा प्रबंधन एवं लोगों की सुरक्षा को लेकर अहम कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व और आपदा प्रबंधन, नगरपालिका प्रशासन, लोक निर्माण और स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों की पूरी राज्य मशीनरी को भारी बारिश से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। इसके साथ ही जलभराव की समस्या से निपटने और सार्वजनिक जीवन में न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए तेजी से राहत अभियान चलाने के लिए हाई अलर्ट पर रखा है। सभी जिलों में संवेदनशील और निचले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए योजनाओं की तैयारी शुरू
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा स्थानीय निकायों और नागरिक अधिकारियों को हेवी-ड्यूटी डीवाटरिंग पंपों को तैयार करने, आपातकालीन बचाव कार्यों के लिए नावें तैयार रखने और भोजन, सुरक्षित पेयजल, जनरेटर और चौबीसों घंटे चिकित्सा आपूर्ति के साथ निर्दिष्ट राहत केंद्रों को बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। जिला कलेक्टरों को 24x7 आपातकालीन संचालन केंद्रों को सक्रिय करने और जलाशय भंडारण स्तर की लगातार निगरानी करने का भी निर्देश दिया गया है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार की तैयारी अहम
तीव्र अवधि के दौरान वर्षा जल के निर्बाध निर्वहन को सुनिश्चित करने के लिए तूफानी जल नालों से गाद निकालने और अवरुद्ध नहरों की सफाई की बारीकी से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमों को तटीय और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में स्टैंडबाय पर रखा गया है। उनका बयान मानसून के दौरान संभावित बारिश, जलभराव और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सरकार की तैयारियों के महत्व को रेखांकित करता है।