उत्तरा आषाढ़ नक्षत्र के तहत शुक्ल अष्टमी आज पंचांग 19 अक्टूबर 2026 में जानिए तिथि, नक्षत्र, योग और ग्रहों के गोचर का शुभ और अशुभ समय?

पंचांग के प्रमुख तथ्य

अष्टमी तिथि समाप्त: सुबह 10:51 बजे।
नवमी तिथि शुरू: सुबह 10:51 बजे के बाद।
राहुकाल: दिल्ली के पंचांग के अनुसार सुबह 7:50 से 9:15 बजे तक।
विशेष संयोग: 19 अक्टूबर को महाअष्टमी और महानवमी दोनों मनाई जा रही हैं।

पंचांग की परंपरागत व्याख्या के अनुसार, 19 अक्टूबर , 2026, जिम्मेदारियों और रिश्तों के प्रति एक संयमित दृष्टिकोण का समर्थन करता है। 

राहुकाल का समय (Rahu Kaal Timing)

राहुकाल: सुबह 07:49 बजे से सुबह 09:15 बजे तक रहेगा। 
 
राहु काल का उपयोग नियमित कार्यों, सफाई, फाइलिंग और आंतरिक ध्यान के लिए करें। कुछ मिनटों का जाप सहायक होता है, विशेषकर राहु मंत्र, "ॐ राम राहवे नमः"। यात्रा के दौरान मौन जाप भी मन को शांत कर सकता है। आप राहु काल का अधिक सटीक समय 07:24:26 से 08:50:34 तक भी देख सकते हैं। 07:24 से 08:50 तक की पूरी अवधि को संवेदनशील मानें और इसे सरल रखें।
 

महत्वपूर्ण विवरण और पूजा का मुहूर्त

 
प्रातः 10:51 बजे तक: महाअष्टमी (मां महागौरी) की पूजा एवं कन्या पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा।
प्रातः 10:51 बजे के बाद: महानवमी (मां सिद्धिदात्री) की पूजा और हवन प्रारंभ किया जा सकता है।
अभिजीत मुहूर्त (शुभ समय): दोपहर 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
 

दिनांक और दिन का विवरण

शुक्ल पक्ष 8 (अष्टमी) में चंद्रमा के मजबूत होने के साथ सोमवार का आगमन होता है, एक ऐसी तिथि जो एक दृढ़, योद्धा जैसी नाड़ी रखती है। शुक्ल पक्ष अष्टमी 10:51:58 तक रहती है, उसके बाद शुक्ल पक्ष 9 (नवमी) शुरू होती है।
 

आज का नक्षत्र

दोपहर 3:38:42 बजे तक उ.आषाढ़ा है, उसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रभावी होगा। उ.आषाढ़ा नक्षत्र परंपरागत रूप से विश्वदेवों से जुड़ा है, जो सत्यनिष्ठा, अच्छे आचरण और सामूहिक आशीर्वाद की शक्ति के प्रतीक हैं।