सीजेपी नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को बुधवार को अदालत से जमानत मिलने के बाद तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर अपनी पहली पोस्ट शेयर की, उन्होंने तिरंगा हाथ में लेकर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें उनके साथ सौरव दास भी नजर आ रहे हैं। इस फोटो के साथ उन्होंने ‘भारत माता की जय’ लिखा।
Bharat Mata ki Jai! https://t.co/nwyLvCQRmN
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) October 22, 2026
सौरव दास ने भी शेयर की पोस्ट
जेल से रिहा होने के बाद सौरव दास ने भी सोशल मीडिया पर अपना पहला संदेश साझा किया, उन्होंने लिखा, ‘ज्ञानू को जाना ही होगा,’ बताया जा रहा है कि सौरव दास और आशुतोष रांका जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग पार करके पहुंचे थे, जहां उन्होंने तिरंगा लहराया था। अब रिहाई के बाद दोनों ने तिरंगे के साथ अपनी तस्वीर शेयर की है। दोनों को बेल बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रिहाई के बाद उनकी सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा में हैं।
Gyanu has to go.
— Saurav Das (@SauravDassss) October 21, 2026
वीडियो में लगाए नारे
अभिजीत दीपके ने सौरव दास और आशुतोष रांका का एक वीडियो भी शेयर किया था। वीडियो में दोनों के हाथों में तिरंगा नजर आ रहा है। वे ‘भारत माता की जय’ और ‘सौरव दास जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाते सुनाई दे रहे हैं। वीडियो के आखिर में दोनों ‘ज्ञानू मस्ट गो’ कहते हैं।
Boys have a message Gyanu must go! https://t.co/53Od3dJZ8W
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 21, 2026
क्राइम ब्रांच ने पूछताछ के लिए बुलाया
जेल से रिहा होने के बाद भी दोनों की मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है, उन्हें 22 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पेश होने के लिए कहा गया है।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात करीब 8:30 बजे जब दोनों तिहाड़ जेल से बाहर आ रहे थे, उसी दौरान उन्हें नोटिस दिया गया. पुलिस उनसे भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सरकारी आदेश का पालन न करने और दूसरे की संपत्ति में प्रवेश करने से जुड़े मामले में पूछताछ करेगी। इस मामले में अजिंक्य शिंदे से भी संपर्क किया जा रहा है।
50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर मिली जमानत
सीजेपी के दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है। रिहाई के दौरान दोनों से एक शपथपत्र पर हस्ताक्षर भी करवाए गए हैं।