Tripura News: त्रिपुरा में असम-अगरतला नेशनल हाईवे पर 72 घंटे तक चक्का जाम करने की योजना पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की। बारामुरा के चंद्र साधुप पारा इलाके में पहुंचे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है।
त्रिपुरा में दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच हाईवे पर लंबे जाम की आशंका पैदा हो गई थी। नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (NLFT) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (ATTF) के कौलाजॉय गुट से जुड़े आत्मसमर्पण कर चुके उग्रवादी 72 घंटे के सड़क जाम के कार्यक्रम के तहत शनिवार को मौके पर पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई के बाद हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य बनी हुई है।
प्रशासन की अपील नहीं मानी, फिर पुलिस ने की कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों के जुटने की सूचना मिलते ही जिरानिया उपमंडल प्रशासन के डिप्टी कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी चंद्र साधुप पारा पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनसे जाम वापस लेने की अपील की। लेकिन प्रदर्शनकारी अपने कार्यक्रम पर अड़े रहे। प्रशासन की कोशिशों के बाद भी जब उन्होंने आंदोलन खत्म करने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर स्थिति संभाली।
कौलाजॉय त्रिपुरा भी हिरासत में
रिपोर्ट के मुताबिक, हिरासत में लिए गए लोगों में कौलाजॉय त्रिपुरा भी शामिल है, जिसे इस चक्का जाम का नेतृत्व करने वाला बताया गया है। पुलिस प्रदर्शनकारियों को अगरतला के एडी नगर ले गई। कार्रवाई के दौरान दो पुलिसकर्मियों पर हमला किए जाने के आरोप भी सामने आए हैं। घायल कर्मियों की पहचान प्रसेनजीत दास और काजल देबबर्मा के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
पूजा के दौरान यातायात बाधित होने की आशंका टली
प्रस्तावित आंदोलन के कारण असम-अगरतला नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की चिंता थी। त्योहार के समय इस मार्ग पर लंबा जाम लगने से यात्रियों और दूसरे वाहन चालकों को परेशानी हो सकती थी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य है। प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से 72 घंटे के प्रस्तावित चक्का जाम के कारण होने वाली बड़ी यातायात बाधा टल गई।