मानसून के जाने के बाद भी देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, पड़ोसी देशों के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से कई राज्यों में बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 अक्टूबर को देश के 15 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसका असर पश्चिम बंगाल के मौसम पर पड़ सकता है। वहीं, थाईलैंड की खाड़ी और म्यांमार के आसपास भी चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति है। इसके अंडमान सागर की ओर बढ़ने और फिर उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। तमिलनाडु के पास दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के इलाकों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है।

इन 15 राज्यों में बारिश की चेतावनी

IMD के मुताबिक, दिल्ली, केरल, लक्षद्वीप, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम, त्रिपुरा, नागालैंड और महाराष्ट्र में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली में 22 अक्टूबर को दिन के समय धूप निकलने की संभावना है, जबकि रात में ठंडक बढ़ सकती है। मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार, अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। उत्तर-पश्चिम दिशा से करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। इस बीच, राजधानी में प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।

मध्य प्रदेश में आंधी और बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश के कई जिलों में 22 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, धार, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी और दतिया में मौसम खराब हो सकता है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की आशंका है। भोपाल में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

तमिलनाडु के 7 जिलों में भारी बारिश की संभावना

तमिलनाडु में बारिश का ज्यादा असर सात जिलों में देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, कुड्डालोर और विल्लुपुरम में भारी बारिश का अलर्ट है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चेन्नई में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के आसार

राजस्थान के उदयपुर, कोटा, झुंझुनूं, अजमेर, बांसवाड़ा, जैसलमेर, सीकर, झालावाड़, पाली, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

बिहार और यूपी में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना

बिहार के दरभंगा, मुंगेर, गया, भोजपुर, भागलपुर, समस्तीपुर, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधुबनी, बेगूसराय, बक्सर और गोपालगंज में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। हवा की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 22 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने देवरिया, मेरठ, हमीरपुर, गाजियाबाद, आजमगढ़, अलीगढ़, हरदोई, आगरा, बिजनौर, मथुरा, सहारनपुर, कानपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, श्रावस्ती और गोरखपुर में बारिश की चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।

बारिश और तेज हवाओं के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

- बारिश के दौरान वाहन धीरे चलाएं, क्योंकि सड़क पर दृश्यता कम हो सकती है।
- तेज हवाओं के समय पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान में खड़े होने से बचें।
- पहाड़ी इलाकों में जाने वाले लोग भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सावधानी बरतें।
- किसान खड़ी फसलों को नुकसान से बचाने के लिए स्थानीय मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान दें।

मौसम में बदलाव के बीच लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियां जरूर देखें।