नई दिल्ली: विजयादशमी के मौके पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई को आम लोगों के सामने खड़ी बड़ी चुनौतियां बताया। दिल्ली के लाल किला मैदान स्थित गांधी मैदान में आयोजित रामलीला में शामिल होने पहुंचीं प्रियंका ने इन समस्याओं को आज के दौर का ‘रावण’ करार दिया। उन्होंने कहा कि सत्य और असत्य के बीच संघर्ष आज भी जारी है और उनकी पार्टी सच के पक्ष में अपनी लड़ाई आगे भी जारी रखेगी।

पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि दशहरा राजनीति करने का अवसर नहीं है, इसलिए वह सरकार के लिए कोई खास संदेश नहीं देना चाहतीं। हालांकि, उन्होंने आम जनता की मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी लोगों को बेरोजगारी और महंगाई जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

‘सच के लिए लड़ते रहेंगे’

प्रियंका गांधी ने कहा कि रावण के प्रतीक के जरिए बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया जाता है, लेकिन आज भी समाज के सामने कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनसे लोगों को जूझना पड़ रहा है। उनके मुताबिक, सत्य और असत्य की लड़ाई आज भी खत्म नहीं हुई है।उन्होंने लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि हर व्यक्ति अपने जीवन में सच का साथ देगा और उसके लिए संघर्ष करता रहेगा। इससे पहले प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी विजयादशमी की बधाई दी थी। उन्होंने अपने संदेश में न्याय, सत्य और धर्म की अन्याय, झूठ और अधर्म पर जीत की कामना की। साथ ही भगवान राम से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने की प्रार्थना की।

खड़गे ने बारिश की कमी पर जताई चिंता

विजयादशमी के अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां लेकर आएगा। इसके साथ ही खड़गे ने बारिश की कमी का मुद्दा उठाते हुए चिंता जताई। उन्होंने कहा कि औसत के मुकाबले बारिश में 40 प्रतिशत से अधिक की कमी रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में लोगों को राहत मिलने के लिए प्रकृति का साथ मिलना भी जरूरी है। विजयादशमी को देशभर में बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर प्रियंका गांधी ने जहां बेरोजगारी और महंगाई को लेकर अपनी बात रखी, वहीं खड़गे ने कम बारिश से पैदा हुई परेशानी की ओर ध्यान दिलाया।