Police Commemoration Day 2026: देश में हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। इस दिन अपने शहीदों की शहादत को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। आतंकियों व शातिर और कुख्यात अपराधियों की साजिशों को नाकाम करते समय जो जवान शहीद हो जाते हैं आज देश उनके साहस, शौर्य और बलिदान को नमन करता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आज अपने सोशल मीडिया अकॉउंट एक्स पर पोस्ट कर पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि अप्रित की है।

उन्होंने पोस्ट में लिखा- हमारे पुलिस कर्मियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों से लड़ने, आपातकालीन स्थितियों में मदद करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनका योगदान अमूल्य है। हम उन बहादुर पुलिस कर्मियों को सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमारे देश की स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा।

आखिर क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?

21 अक्टूबर साल 1959 को लद्दाक के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने भारतीय पुलिसकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया था। इसमे 10 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इन्हीं शहीदों ने नाम आज का दिन समर्पित किया गया है। तो बताते है आपको इसका पूरा इतिहास कि आखिर क्यों पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। भारत में तिब्बत सीमा की लंबाई चीने के साथ 2600 मील है।

इस सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआरपीएफ के कंधों पर थी। हमले से एक दिन पहले 20 अक्टूबर को भारत ने तीसरी बटालियन को लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में तैनाती मिली थी। इस कंपनी को 3 टुकड़ियों मे बांटकर तैनात किया गया। कंपनी में तैनात जवान हमेशा गश्त करते थे। 20 अक्टूबर की दोपहर 3 टुकड़ियों में से 2 टुकड़ियों के जवान तो वापस लौट आए लेकिन 1 टुकड़ी नहीं लौटी। तीसरी टुकड़ी में तैनात 2 पुलिस कांस्टेबल और एक पोर्टर था।

हर वर्ष होती है परेड

देश के अलग-अलग हिस्सों मे अपने वीर जवानों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अप्रित करते हैं। इस दिन को लोग 'पुलिस शहीद दिवस' के नाम से भी जानते हैं। दिल्ली के नेशनल पुलिस मेमोरियल में हर साल इस दिन परेड होती है जिसकी शुरुआत साल 2012 से हुई थी। अनगिनत पुलिसकर्मियों द्वारा अपने कर्तव्य के पालन में किए गए बलिदान की गवाही के रूप में चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय पुलिस स्मारक बनाया गया है।

पुलिस स्मृति दिवस का क्या है महत्व?

पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीद जवानों को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि यह पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारियों और चुनौतियों को समझने का भी अवसर है। अपराध नियंत्रण, आतंकवाद और संगठित अपराध से मुकाबला, आपदा के समय राहत कार्य, यातायात व्यवस्था तथा आम लोगों की सुरक्षा जैसे कार्यों में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस दिन देश के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पुलिस अधिकारी और जवान शहीद साथियों को याद करते हैं तथा उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करते हैं।

राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में दी जाती है श्रद्धांजलि

नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पुलिसकर्मियों के बलिदान और सेवा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 अक्टूबर 2018 को इस स्मारक को राष्ट्र को समर्पित किया था। यहां शहीद पुलिसकर्मियों की स्मृति में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

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