नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और अमेरिका के यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस ने हरदीप पुरी की एपस्टीन से मुलाकातों पर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। लेकिन यह तस्वीर कहां से आई, किसने जारी की और इसे लेकर विवाद क्यों हो रहा है? आइए समझते हैं।

कहां से आई हरदीप पुरी और एपस्टीन की तस्वीर?

हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) की वेबसाइट पर मौजूद है। यह एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के नौवें सेट यानी Dataset 9 में शामिल है। तस्वीर की फाइल का नाम EFTA01191294 है। तस्वीर में हरदीप पुरी और एपस्टीन एक कमरे में आमने-सामने बैठे दिखाई दे रहे हैं। तस्वीर अब सोशल मीडिया पर चर्चा में है और विपक्षी नेता इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, तस्वीर किसने खींची थी, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। इतना स्पष्ट है कि तस्वीर अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर जारी दस्तावेजों में मौजूद है।

कब सामने आई तस्वीर

यह तस्वीर एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में पहले से मौजूद थी, लेकिन 20 और 21 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया पर इसके चर्चा में आने के बाद मामला फिर सुर्खियों में आ गया। तस्वीर को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पोस्ट किए और हरदीप पुरी की मुलाकातों पर सवाल उठाए।

तस्वीर पर राहुल गांधी ने क्या कहा

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के मुंबई दौरे और तस्वीर जारी होने का जिक्र करते हुए सवाल किया कि किसे ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। कांग्रेस नेताओं ने भी केंद्र सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा है।

तस्वीर को लेकर विवाद क्यों हो रहा है

विवाद की मुख्य वजह हरदीप पुरी का एपस्टीन से मुलाकातों को लेकर पहले दिया गया बयान है। पुरी ने कहा था कि वह एपस्टीन से तीन या अधिकतम चार बार मिले थे। उनके मुताबिक, ये मुलाकातें इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट से जुड़े पेशेवर काम के सिलसिले में हुई थीं। अब तस्वीर में दोनों को आमने-सामने बैठे देखकर कांग्रेस नेता सवाल उठा रहे हैं कि अगर मुलाकात प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई थी, तो तस्वीर में बाकी लोग कहां हैं।

यह भी पढ़ें: यूपी MLC चुनाव में शिक्षकों को BSA-DIOS के माध्यम से धमकाने का आरोप, BJP पर बरसे अखिलेश यादव