Delhi Metro News: दिल्ली के जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा जांच के दौरान CISF ने एक युवक को पकड़ा। उसके बैग में रखे अंडरगारमेंट के भीतर करीब 155 ग्राम सोने जैसे रंग का पाउडर मिला। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में यह पदार्थ नशीला नहीं पाया गया। हालांकि, युवक इसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज नहीं दिखा सका और न ही उसके पास पदार्थ होने की संतोषजनक वजह बता पाया। इसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए युवक की पहचान मोहम्मद शोएब के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। उसने मलेशिया के कुआलालंपुर का एक पता भी बताया है।

बैगेज स्कैनिंग के दौरान स्क्रीन पर दिखी संदिग्ध वस्तु

CISF के मुताबिक, जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन पर सामान की एक्स-रे जांच के दौरान बैग में एक घनी और संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जांच के दौरान युवक ने कथित तौर पर वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे स्टेशन के निकास द्वार के पास पकड़ लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद दिल्ली पुलिस के एएसआई मसूम रजा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवक को अपने कब्जे में लेकर उसके सामान की जांच की। इसी दौरान बैग में रखे अंडरगारमेंट के अंदर छिपाया गया करीब 155 ग्राम सोने जैसे पाउडर वाला पदार्थ बरामद हुआ।

मलेशिया में रहने और कपड़ा कारोबार से जुड़ा होने की बात कही

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में शोएब ने बताया कि वह मलेशिया में रहता है और कपड़ा क्षेत्र में काम करता है। उसने यह भी बताया कि उसकी पत्नी और दो बच्चे मलेशिया के नागरिक हैं। पुलिस के अनुसार, युवक ने बताया कि वह 16 अक्टूबर को दिल्ली आया था और जामा मस्जिद इलाके के एक होटल में ठहरा था। घटना वाले दिन वह जामा मस्जिद मेट्रो स्टेशन से लाजपत नगर जाने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान सामान की जांच में उसे पकड़ लिया गया।

नशीला पदार्थ नहीं मिला, फिर भी शुरू हुई कानूनी कार्रवाई

संदिग्ध पाउडर मिलने के बाद पुलिस को आशंका हुई कि यह कोई मादक या मनोप्रभावी पदार्थ हो सकता है। इसके परीक्षण के लिए संबंधित नारकोटिक्स विभाग से संपर्क किया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच में पदार्थ नशीला नहीं पाया गया। पुलिस ने सीमा शुल्क विभाग को भी सूचना दी थी, लेकिन विभाग ने मामले को अपने अधिकार क्षेत्र में नहीं बताया और कार्रवाई शुरू करने में असमर्थता जताई। इसके बाद पुलिस ने कहा कि युवक बरामद पदार्थ के स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण नहीं दे सका और उसके कब्जे में होने का उचित स्पष्टीकरण भी नहीं दे पाया।