नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरूवार 22, अक्टूबर को सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जो कि आज शुक्रवार 23, अक्टूबर को शाम 6:00 बजे सुनाया जाएगा। इस मामले में न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने बोरा व पुलिस के वकील को करीब तीन घंटे सुनने के बाद याचिका पर आदेश सुरक्षित रख था। इस तरह कल सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की छवि को लेकर कोर्ट की टिप्पणी और सरकार की ओर से दी गई दलील चर्चा में रही।

HC ने कहा नेहा बोरा को पहले ही 'बैड बॉय' की तरह पेश किया गया

इस संदर्भ में कोर्ट ने कहा कि नेहा को पहले ही 'बैड बॉय' की तरह पेश कर दिया गया है और अब उनसे अच्छे व्यवहार का वादा करने को कहा जा रहा है। इस पर ASG चेतन शर्मा ने सवाल उठाया कि छह FIR का सामना कर रहे व्यक्ति को क्या 'दूध का धुला' माना जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नेहा बोरा ऐसी बैठक में शामिल थीं, जहां 'रिजीम चेंज' यानी सत्ता पलटने की बात कही जा रही थी। वहीं दिल्ली पुलिस के नोटिस का जिक्र करते हुए नेहा के वकील ने कहा कि नागरिकों को राष्ट्रीय झंडा फहराने के लिए इजाजत की जरूरत नहीं है। जबकि पुलिस द्वारा दिए गए इस नोटिस में कहा गया कि बोरा ने बिना इजाजत के राष्ट्रीय झंडा फहराया है।

पुलिस को कानून की शिक्षा देने की जरूरत: अधिवक्ता गोपाल

नेहा के वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या दिल्ली पुलिस की नोटिस में कोई दम है। पुलिस को कानून की शिक्षा देने की जरूरत है। वहीं पुलिस की ओर से कहा गया कि नोटिस जारी करते समय स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के पास बहुत सारी सामग्री मौजूद थी। इसी आधार पर नोटिस जारी किया गया है। उनके मुताबिक, इसके लिए जनरल डायरी की एंट्री, पहले दर्ज FIR, अपराधों के रिकॉर्ड और उस समय सड़कों पर बने हालात को आधार बनाया गया। पुलिस ने बताया कि मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को बुलाकर मामले की जानकारी भी मांगी थी।

'रिजीम चेंज' की बात को आधार बनाकर पुलिस ने दिया नोटिस

वहीं इस संदर्भ में ASG चेतन शर्मा ने दलील दी कि नेहा बोरा के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी आधार के शुरू नहीं की गई है। नेहा ने CJP के नेताओं और प्रशांत भूषण के साथ एक संयुक्त बैठक में हिस्सा लिया था, जहां कथित तौर पर कहा गया कि "यह रिजीम चेंज की लड़ाई है और हम रिजीम चेंज करवाकर रहेंगे। दरअसल, नेहा बोरा ने पुलिस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उसे एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने शांति मुचलका भरने को कहा गया था।