नई दिल्ली: चिल्ड्रन इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन (सीआईओ) के तहत पहली बार देश के अलग-अलग राज्यों में साइंस ओलंपियाड का आयोजन किया गया जिसमें छठी, सातवीं और आठवीं वर्ग के 30 हजार से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग समुदायों के छात्र शामिल थे।

साइंस ओलंपियाड का मकसद बच्चों में साइंस में दिलचस्पी जगाना, उनकी सोचने, देखने और विश्लेषणात्मक कौशल को विकसित करना एवं उन्हें प्रकृति को समझने के लिए बढ़ावा देना है। यह बच्चों को पर्यावरण बचाने और प्राकृतिक चीज़ों के सही इस्तेमाल के बारे में भी सिखाता है।

अलग-अलग भाषाओं में हुई परीक्षा

ओलंपियाड के प्रश्न पत्र छात्रों के ग्रेड के अनुसार तैयार किए गए थे। सातवीं और आठवीं कक्षा के पेपर NCERT विज्ञान पाठ्यक्रम पर आधारित थे, जबकि छट्टी कक्षा के लिए पर्यावरण विज्ञान को आधार बनाया गया था। छात्रों की आसानी के लिए इम्तहान अंग्रेज़ी, हिंदी, उर्दू और अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में लिए गए।

अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का किया दौरा

परीक्षा की वयवस्था की समीक्षा करने और छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए जमाअत-ए-इस्लामी हिंद और सीआईओ के कई अधिकारियों ने अलग-अलग राज्यों में परीक्षा केंद्रों का दौरा किया। इनमें जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष और बाल विभाग के पर्यवेक्षक एस. अमीनुल हसन, अलग-अलग सर्कल के लीडर, सीआईओ और दूसरे अधिकारी शामिल थे। दिल्ली, बेंगलुरु, नांदेड़, गुजरात, पंजाब और आंध्र प्रदेश में भी परीक्षा केंद्रों का दौरा किया।

संयोजक और टीम को दी बधाई

इस मौके पर एस. अमीनुल हसन ने ओलंपियाड के सफल आयोजन के लिए संयोजक आयशा अल्वी और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता अलग-अलग राज्य इकाइयों और टीम के सदस्यों की सामूहिक कोशिशों का नतीजा है। ओलंपियाड को लोकल मीडिया, टीवी चैनल्स और सोशल मीडिया पर भी कवर किया गया। अभिभावकों ने इस पहल की तारीफ़ की और इसे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि, शैक्षणिक कौशल और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देने की एक अच्छी कोशिश बताया।

छह राज्यों में परीक्षा होना बाकी

इस बीच, सैयद तनवीर अहमद ने डॉ. खान मुबश्शिरा फिरदौस (राष्ट्रीय सहायक सचिव, डिपार्टमेंट ऑफ़ पीडियाट्रिक्स), केंद्रीय समिति के सदस्यों, स्टेट सीआईओ सेक्रेटरी, मार्गदर्शक और दूसरे ज़िम्मेदार लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि साइंस ओलंपियाड अभी केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में होना बाकी है। इन राज्यों में परीक्षाएँ पूरी होने के बाद छात्रों की कुल संख्या 50 हजार तक पहुँचने की उम्मीद है।

बच्चों को शैक्षिक अवसर देने की पहल

सीआईओ की स राज्य इकाइयां स्कूलों और दूसरे शैक्षिक संस्थानों के साथ मिलकर आयोजित किया गया यह साइंस ओलंपियाड बच्चों में विज्ञान के प्रति जागरूकता लाने, उनके कौशल को बेहतर बनाने और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके देने की एक कोशिश है।

Reported By- M. Atharuddin Munne Bharti