तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाने के अधिकार का समर्थन किया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने से बचना चाहिए। मंगलवार को कोयंबटूर में एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान अन्नामलाई ने राजनीति, पुलिस व्यवस्था, मानसून की तैयारियों और सोशल मीडिया पर बढ़ती अभद्र भाषा समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।

SIR पर सवाल उठाना अधिकार, संस्थाओं की गरिमा भी जरूरी

अन्नामलाई ने कहा कि राहुल गांधी को SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने साथ ही आगाह किया कि किसी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस जारी है। अन्नामलाई ने अपने बयान में सवाल उठाने के अधिकार और संस्थागत व्यवस्था की गरिमा, दोनों को अहम बताया।

CJP संगठन के नेताओं की जमानत प्रक्रिया पर उठाए सवाल

अन्नामलाई ने दिल्ली पुलिस की ओर से CJP संगठन के नेताओं के साथ किए गए व्यवहार की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि नेताओं और उनके वकीलों को जमानत की प्रक्रिया के दौरान बार-बार मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि किसी नेता को जेल में रखने से उसकी लोकप्रियता बढ़ भी सकती है। अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस जानबूझकर इन नेताओं को अलग-अलग स्तर पर परेशान कर रही है। उनके मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से युवाओं में केंद्र सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है।

सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा को लेकर दी नसीहत

कोयंबटूर के एक निजी स्कूल में विद्यारंभम कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अन्नामलाई ने लोगों से अपने पसंदीदा नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों का समर्थन करते समय संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी को पसंद करना अपनी जगह है, लेकिन इसके नाम पर हिंसा करना या खुद को नुकसान पहुंचाना उचित नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपमानजनक भाषा के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। अन्नामलाई के अनुसार, लोगों को अपनी राय रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक बहस में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनता समय के साथ सच्चाई समझ जाती है।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खाली पद भरने की मांग

तमिलनाडु में वरिष्ठ पुलिस पदों की रिक्तियों का मुद्दा उठाते हुए अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय से प्रमुख जिलों और शहरों में खाली पदों को जल्द भरने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग मुख्यमंत्री के सीधे नियंत्रण में आता है, इसलिए इस दिशा में देर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पूर्वोत्तर मानसून का जिक्र करते हुए कहा कि बारिश के मौसम में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती जरूरी है। अन्नामलाई ने पंचायत स्तर पर बारिश से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाने का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि निर्वाचित स्थानीय निकाय प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों का काम अधिकारी संभाल रहे हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर बारिश से जुड़ी तैयारियां तेज करने के निर्देश देने चाहिए।

चेन्नई में जलभराव रोकने के इंतजामों पर सवाल

अन्नामलाई ने चेन्नई में बनाए जा रहे स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस मानसून के दौरान पता चलेगा कि पिछले वर्षों में किए गए काम जलभराव रोकने में कितने कारगर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या चेन्नई में इस बार फिर बाढ़ जैसे हालात बनेंगे और क्या जल निकासी की परियोजनाओं को ठीक तरीके से पूरा किया गया है। ये टिप्पणियां उनके राजनीतिक आरोपों का हिस्सा हैं; वास्तविक स्थिति का आकलन बारिश के दौरान सामने आने वाले हालात और आधिकारिक आंकड़ों से किया जा सकेगा।

ड्रग्स मामले में राजनीतिक जुड़ाव से ऊपर कार्रवाई की मांग

तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक पदाधिकारी से जुड़े मेथामफेटामाइन की बरामदगी के मामले पर अन्नामलाई ने सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आपराधिक गतिविधियों के आरोपों का सामना करने वाले लोगों के खिलाफ राजनीतिक संबद्धता देखे बिना कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से ऐसे लोगों पर सख्ती करने की अपील की, जो कथित तौर पर सत्ताधारी दल की आड़ लेने की कोशिश करते हैं। यह बयान आरोपों के संदर्भ में दिया गया है; मामले में किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि का दावा नहीं किया गया है।

कार्तिका की गिरफ्तारी पर भी सवाल

नाम तमिलर कच्ची की उम्मीदवार कार्तिका की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने पूछा कि पुलिस ने सुबह-सुबह उनके घर में प्रवेश कर उन्हें गिरफ्तार क्यों किया। उन्होंने कहा कि यदि चुनाव प्रचार के दौरान कोई अपराध हुआ था, तो पुलिस उसी समय कार्रवाई कर सकती थी। अन्नामलाई ने पुलिस विभाग को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होकर काम करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के लोग ऐसी राजनीति चाहते हैं, जिसमें महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा और विरोधियों को नीचा दिखाने वाली टिप्पणियों की जगह न हो। उनके अनुसार, युवा, महिलाएं और शिक्षित मतदाता राजनीतिक संवाद में अधिक मर्यादा की अपेक्षा करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि भाषणबाजी में सीमा लांघने का असर राजनीतिक दलों पर भी पड़ सकता है।

‘We The Leaders’ के जरिए वैकल्पिक राजनीति की तैयारी

अन्नामलाई ने अपने संगठन ‘We The Leaders’ के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य बुनियादी बदलाव लाना और वैकल्पिक राजनीति को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि संगठन चुनावों में स्वतंत्र रूप से उतरने की तैयारी कर रहा है, ताकि अपने विचार जनता तक पहुंचाए जा सकें। उन्होंने कहा कि अब तक सामाजिक कार्यों पर ध्यान देने वाले सदस्यों को चुनावी राजनीति के लिए तैयार करने की कोशिश की जा रही है। अन्नामलाई के मुताबिक, संगठन में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को ही शामिल किया जाता है।

यह भी पढ़ें: दशहरा समारोह में मोदी का संदेश, चुनौतियों से निपटने के लिए अपनी ताकत पर भरोसा करें