Bihar Politics: बिहार में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खरगे के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार राजनीतिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रही है। शाह ने कहा कि पार्टी के पास अब जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं और वह व्यक्तिगत टिप्पणियों के जरिए राजनीति कर रही है।

अमित शाह ने क्या कहा?
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए खरगे के बयान को अमर्यादित बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से पहले भी कई बार विवादित टिप्पणियां की गई हैं।

अमित शाह ने लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता को लेकर अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस कभी प्रधानमंत्री की मां को लेकर टिप्पणी करती है, तो कभी उन्हें 'मौत का सौदागर' और 'चायवाला' कहकर निशाना बनाती रही है।

शाह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार के कारण कांग्रेस में हताशा बढ़ी है। उनके मुताबिक, पार्टी के पास न कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा, बल्कि वह गाली-गलौज की राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस जनता के साथ-साथ अपने कार्यकर्ताओं के बीच भी जनाधार खो रही है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी साधा निशाना
खरगे के बयान पर भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि प्रधानमंत्री के प्रति सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है।

नितिन नबीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है। उनके मुताबिक, किसी नेता के दिवंगत परिजनों को राजनीतिक भाषणों में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास विकास और नीतियों को लेकर ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा लिया जा रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान ने भी कांग्रेस को घेरा
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे नेताओं से लोकतांत्रिक मूल्यों और शालीनता बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नीतियों और विचारों के आधार पर मुकाबला करने के बजाय व्यक्तिगत हमलों का सहारा ले रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पार्टी के पास प्रधानमंत्री का विरोध करने के लिए मुद्दों और तर्कों की कमी हो गई है।

खरगे ने आखिर क्या कहा था?
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे रविवार को बिहार में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा।

कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने हंगामा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा... बाप भी जाएगा मोदी का।'

खरगे की इस टिप्पणी के बाद सभागार में हंगामा शुरू हो गया। वहां मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शोर मचाया और हंगामा कर रहे व्यक्ति को बाहर निकाल दिया। इस दौरान धक्का-मुक्की और मारपीट की भी बात सामने आई। खरगे ने कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की।

बयान से बढ़ा राजनीतिक टकराव
खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं, इस घटनाक्रम ने बिहार में राजनीतिक बयानबाजी को और तेज कर दिया है। अब यह विवाद प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी, राजनीतिक भाषा की मर्यादा और विपक्ष की भूमिका को लेकर चर्चा के केंद्र में है। 

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