Patna News: बिहार की राजधानी पटना में रविवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर विवाद खड़ा हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे के संबोधन के दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खरगे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पर झूठे वादे करने का आरोप भी लगाया।
PM मोदी पर खरगे का तीखा हमला
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर हुई टिप्पणी के बाद खरगे ने उन पर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष ने काले धन की वापसी के वादे का जिक्र करते हुए सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने पहले 100 दिनों में विदेश से काला धन वापस लाने की बात कही थी, लेकिन वह पैसा कहां है?
खरगे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री को झूठ बोलने की आदत है। उनके इस बयान से कार्यक्रम में राजनीतिक माहौल गरमा गया।
RSS की विचारधारा पर भी साधा निशाना
खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा की आलोचना करते हुए कहा कि जब तक देश में यह विचारधारा बनी रहेगी, तब तक शांति कायम नहीं हो सकती।
कांग्रेस अध्यक्ष ने संघ पर अपनी स्थापना के समय से सांप्रदायिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक सद्भाव और शांति बनाए रखने के लिए सांप्रदायिकता से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
हल्द्वानी के शुद्धिकरण विवाद का किया जिक्र
अपने संबोधन में खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में अगस्त 2026 में सामने आए शुद्धिकरण विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने छुआछूत की प्रथा की आलोचना करते हुए सवाल उठाया कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी अगर ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सामाजिक एकता कैसे कायम होगी?
बताया गया कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस की रैली के बाद एक दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने कार्यक्रम स्थल पर शुद्धिकरण अनुष्ठान किया था। इस घटना पर कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति जताई थी और इसे छुआछूत से जोड़कर आलोचना की थी।
नीतीश कुमार के राजनीतिक रुख पर भी उठाए सवाल
खरगे ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख नीतीश कुमार के BJP के नेतृत्व वाले NDA में शामिल होने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने समाजवादी विचारधारा के साथ राजनीति शुरू की थी, लेकिन बाद में BJP और RSS के साथ चले गए।
खरगे ने आरोप लगाया कि विचारधारा से पीछे हटने पर राजनीतिक मूल्यों को लेकर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने RSS-BJP से जुड़े लोगों पर छुआछूत संबंधी सोच रखने और संविधान के मूल्यों के विपरीत विचार रखने का भी आरोप लगाया।
बिहार से उठे बयान ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे के संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पर टिप्पणी, RSS की आलोचना और नीतीश कुमार पर निशाना साधने जैसे मुद्दे छाए रहे। उनके बयान ने राजनीतिक विवाद को नया मोड़ दे दिया है।