
महाराष्ट्र में (UCC) को लेकर शुरू हुई बहस अब राजनीतिक टकराव में बदल गई है। विधानसभा में हुई चर्चा के दौरान एनसीपी की विधायक सना मलिक के बयान को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उनके बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है, जबकि विपक्षी दलों ने उनका बचाव किया है।
UCC पर सना मलिक क्या बोलीं सना मलिक?
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब UCC पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने पाकिस्तान का उल्लेख किया। इसके जवाब में सना मलिक ने कहा कि मुस्लिम समुदाय कुरान को मानता है और भारतीय संविधान उसे अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है। इसी बयान के एक हिस्से को लेकर भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह शरिया कानून की ओर संकेत करता है और इसे देश की संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ बताया।
भाजपा नेताओं ने सना मलिक पर साधा निशाना
भाजपा नेताओं ने सना मलिक पर तीखा हमला करते हुए कहा कि उनके बयान से इस्लामिक कानून की पैरवी झलकती है। पार्टी के कुछ नेताओं ने यह भी टिप्पणी की कि ऐसे विचार भारत की एक समान नागरिक संहिता की अवधारणा के विपरीत हैं। इस बयान को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए और मामला विधानसभा से बाहर निकलकर सार्वजनिक बहस का मुद्दा बन गया।
सना मलिक के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश करने का विपक्ष लगा रही आरोप
वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के रुख पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सना मलिक के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है और इसमें जानबूझकर सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि बहस की शुरुआत खुद भाजपा विधायक की टिप्पणी से हुई थी, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
शिवसेना (UBT) के नेताओं ने बाजपा पर किया पलटवार
शिवसेना (UBT) के नेताओं ने भी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के विवाद खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार जनता की मूल समस्याओं पर चर्चा करने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी में उलझी हुई है।
सना मलिक ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद सना मलिक ने सफाई दी और कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का शासन पूरी तरह संविधान के अनुसार चलता है और वह उसी का समर्थन करती हैं। उन्होंने किसी भी प्रकार से पाकिस्तान या शरिया कानून की वकालत करने से इनकार किया। इस पूरे मामले पर महाराष्ट्र सरकार के एक मंत्री ने भी स्पष्ट किया कि देश संविधान से चलता है और आगे भी उसी के अनुसार ही चलेगा।
UCC पर राज्य सरकार ने समिति गठित की है
इसी बीच राज्य सरकार ने UCC पर आगे की प्रक्रिया शुरू करते हुए एक समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता एक सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीश करेंगे। यह समिति उन राज्यों के मॉडल का अध्ययन करेगी जहां UCC लागू है, और अपनी रिपोर्ट के आधार पर महाराष्ट्र में आगे की दिशा तय की जाएगी।
Written By: Geeta Sharma















