
भारतीय रेलवे ने हाल ही में अपने कई ट्रेनों के शौचालयों से चेन वाले मग हटाने का निर्णय लिया है। रेलवे का कहना है कि नई व्यवस्था यात्रियों की सुरक्षा और स्वच्छता को ध्यान में रखकर लागू की गई है। इस बदलाव का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि शौचालयों में साफ-सफाई और उपयोग की सुविधा बेहतर तरीके से बनी रहे।
स्वच्छता और रखरखाव की वजह
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, चेन वाले मग अक्सर टूट जाते थे या सही से धोए नहीं जाते थे, जिससे संक्रमण और अस्वच्छता का खतरा बढ़ जाता था। इसके अलावा, कई यात्रियों द्वारा इन मगे का गलत उपयोग भी देखा गया है। इसलिए रेलवे ने इसे हटाकर एक नई प्रणाली लागू की है, जिसमें यात्रियों को शौचालयों में पानी इस्तेमाल करने के लिए बेहतर विकल्प मिलेंगे।
नई व्यवस्था में क्या बदलाव हुआ
अब ट्रेनों के शौचालयों में यात्रियों के लिए स्थिर पानी के नल और कंटेनर लगाए जा रहे हैं। इससे यात्रियों को पानी लेने में आसानी होगी और सफाई भी अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी। रेलवे का कहना है कि इस बदलाव से सफाई कर्मचारियों का काम आसान होगा और संक्रमण फैलने की संभावना कम होगी।
यात्रियों के लिए फायदे और रेलवे की कोशिशें
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल सफाई और स्वास्थ्य के लिए है, यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में और भी सुधार किए जाएंगे, जैसे कि बेहतर फ्लश सिस्टम और स्वच्छता उपकरण, ताकि ट्रेन यात्रा और अधिक आरामदायक और सुरक्षित बन सके।
Written by : Anushka sagar

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