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US-Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देते हुए ईरान के पावर प्लांट्स पर प्रस्तावित हमले को फिलहाल टाल दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों में सार्थक और सकारात्मक बातचीत हुई है, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी वार्ता जारी रहेगी और इसी के आधार पर आगे की रणनीति तय होगी।
शांति बहाल करने का किया जा रहा प्रयास: ट्रंप
23 मार्च सोमवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पेंटागन को निर्देश दिया है कि अगले पांच दिनों तक ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा ठिकानों पर किसी भी तरह का हमला न किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों का हिस्सा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि यह निर्णय पूरी तरह से जारी बातचीत की सफलता पर निर्भर करेगा।
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) March 23, 2026
''बिना किसी शर्त नहीं खोला जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य''
गौरतलब है कि यह बयान उस समय आया है जब कुछ ही घंटों पहले ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले करेगा। इस अल्टीमेटम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया था।
ईरान के राष्ट्रपति ने क्यों दी ट्रंप को चेतावनी
ट्रंप की इस चेतावनी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कड़ा जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि ईरान ऐसी बेबुनियाद धमकियों से डरने वाला नहीं है और किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है। पेजेशकियान ने यह भी कहा कि ईरान एक ऐतिहासिक और मजबूत राष्ट्र है, जिसे दुनिया के नक्शे से मिटाने की बातें करना वास्तविकता से परे है।
मिडिल ईस्ट में खत्म होगा तनाव!
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह नरम रुख कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक संकेत हो सकता है। फिलहाल, दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किस दिशा में जाती है और क्या इससे मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव को कम किया जा सकेगा।
Writen By: Geeta Sharma

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