
मध्य प्रदेश सरकार इस साल एक नया और डिजिटल कदम उठाने जा रही है। राज्य का यह पहला पेपरलेस बजट होगा, जिसे पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप में पेश किया जाएगा। इससे न केवल समय और कागज की बचत होगी, बल्कि बजट प्रक्रिया में पारदर्शिता और आधुनिकता भी आएगी। मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के अधिकारी इसकी तैयारी में जुटे हैं और उम्मीद है कि यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी मिसाल बनेगा।
मध्य प्रदेश का पहला पेपरलेस बजट
पेपरलेस बजट के जरिए सरकार की पूरी योजना डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। इसमें सभी विभागों के वित्तीय प्रावधान, विकास योजनाएँ और नए कार्यक्रम ऑनलाइन प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे जनता, मीडिया और विशेषज्ञ आसानी से बजट का अध्ययन कर सकेंगे और खर्च व निवेश की जानकारी तुरंत हासिल कर पाएंगे।
सदन में बजट प्रक्रिया आसान और तेज
इस नए प्रारूप से सदन में बजट पेश करना भी और आसान होगा। मंत्रियों और विधायकों को अब भारी फाइलों के बजाय टैबलेट या कंप्यूटर के माध्यम से जानकारी मिलेगी। इसका उद्देश्य सरकारी प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो सके।
डिजिटल गवर्नेंस की नई दिशा
विशेषज्ञ मानते हैं कि पेपरलेस बजट से केवल प्रशासनिक सुधार नहीं होगा, बल्कि यह मध्य प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले वर्षों में इसे और भी आधुनिक तकनीकों से अपडेट किया जा सकता है, जिससे जनता और सरकार के बीच संवाद और बढ़ेगा और सरकारी योजनाओं का सही मूल्यांकन आसान होगा।
Written by : Anushka sagar

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