
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार, 14 जून को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रही वार्ताओं के बाद शांति समझौता अंतिम रूप ले चुका है, उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर इस समझौते की जानकारी साझा करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहमति बनने के साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर लगी अमेरिकी नौसैनिक पाबंदियां हटाई जाएंगी।
ट्रंप ने दी बधाई
ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि समझौते के पूरा होने पर सभी संबंधित पक्षों को बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक तेल आपूर्ति को सामान्य बनाने के लिए होर्मुज मार्ग को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के पूरी तरह खोलने की अनुमति दी जाएगी।
पाकिस्तानी पीएम ने दोनों देश को लेकर कही थी ये बात
इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का उल्लेख किया था। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया में लेबनान से जुड़े मुद्दों पर भी सहमति बनी है और सभी पक्षों ने सैन्य गतिविधियां समाप्त करने का फैसला किया है। शरीफ ने बताया कि इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाने की संभावना है।
28 फरवरी से शुरू हुथा इन देशों में तनाव
गौरतलब है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव 28 फरवरी से बढ़ना शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में कई घटनाओं ने क्षेत्रीय स्थिति को गंभीर बना दिया था। बाद में 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम को लेकर सहमति बनने के बाद विभिन्न मध्यस्थों के माध्यम से स्थायी शांति समझौते पर बातचीत जारी रही।
जून में एक बार फिर हुआ तनावपूर्ण महौल
हालांकि जून के दौरान हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए थे, जब ईरान द्वारा एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने की घटना के बाद संघर्ष दोबारा तेज हो गया था। इसके बावजूद कूटनीतिक प्रयास जारी रहे और अंततः दोनों पक्षों के बीच समझौते की घोषणा सामने आई।
Written By Toshi Shah















