ChatGPT बना ‘वकील’, शख्स ने AI की मदद से जीता 52 लाख रुपये का केस

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी खोजने तक सीमित नहीं रह गया है।

7 घंटे पहले

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या जानकारी खोजने तक सीमित नहीं रह गया है। ब्रिटेन में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया है। यहां एक शख्स ने महंगे वकीलों की जगह ChatGPT की मदद ली, कोर्ट की प्रक्रिया को समझा और खुद अपनी पैरवी करते हुए लाखों रुपये का केस जीत लिया।

क्या है पूरा मामला? 

यह मामला ब्रिटेन के रहने वाले 40 वर्षीय क्रेग टिटचेनर का है, जो हीथ्रो एयरपोर्ट पर फायरफाइटर के रूप में काम करते हैं। कुछ साल पहले उनकी जिंदगी उस समय बदल गई, जब उन्होंने एक स्क्रैचकार्ड लॉटरी में करीब 2.58 करोड़ रुपये का जैकपॉट जीता। अचानक मिली इस बड़ी रकम ने उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बना दिया, लेकिन बाद में यही पैसा उनके लिए कानूनी विवाद की वजह बन गया।

गर्लफ्रेंड को दिए थे 52 लाख रुपये

साल 2022 में क्रेग ने अपनी गर्लफ्रेंड हीदर डगलस को करीब 52 लाख रुपये दिए थे। हीदर पेशे से साइकियाट्रिक नर्स हैं और उन्हें निवेश व वित्तीय मामलों की जानकारी थी। दोनों के बीच सहमति बनी थी कि इस रकम से प्रीमियम बॉन्ड खरीदे जाएंगे और भविष्य में मिलने वाले लाभ को दोनों आपस में बांटेंगे।

उस समय दोनों के रिश्ते अच्छे थे, इसलिए क्रेग ने इस फैसले पर भरोसा किया। लेकिन कुछ समय बाद दोनों का रिश्ता खत्म हो गया। ब्रेकअप के बाद जब क्रेग ने अपनी रकम वापस मांगी तो विवाद शुरू हो गया।

पैसे लौटाने से किया इनकार

हीदर ने पैसे वापस करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि यह रकम उन्हें गिफ्ट के तौर पर दी गई थी और इसे लौटाने की कोई जरूरत नहीं है। क्रेग के लिए यह स्थिति काफी मुश्किल हो गई। उन्होंने कई वकीलों से कानूनी सलाह लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें महसूस हुआ कि केस लड़ने की फीस बहुत ज्यादा होगी। ऐसे में उन्होंने खुद ही कानूनी प्रक्रिया को समझने का फैसला किया।

ChatGPT ने समझाई कोर्ट की प्रक्रिया

इसी दौरान क्रेग ने ChatGPT की मदद लेने का फैसला किया। उन्होंने AI टूल के सामने अपनी पूरी स्थिति रखी और कोर्ट की प्रक्रिया से जुड़े सवाल पूछे। ChatGPT ने उन्हें बताया कि अदालत में किस तरह के दस्तावेज जरूरी होंगे, कौन से फॉर्म भरने पड़ सकते हैं और बिना वकील के अपनी बात किस तरीके से रखी जा सकती है। हालांकि क्रेग ने साफ किया कि AI ने उन्हें कानूनी प्रतिनिधि की तरह सलाह नहीं दी, बल्कि मुश्किल कानूनी प्रक्रिया को आसान भाषा में समझने में मदद की। AI से मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने खुद केस की तैयारी शुरू की और अदालत में अपनी दलीलें पेश करने का फैसला किया।

कोर्ट ने क्रेग के पक्ष में सुनाया फैसला

मामले की सुनवाई सेंट्रल लंदन काउंटी कोर्ट में हुई। कोर्ट में हीदर डगलस ने दावा किया कि क्रेग ने यह रकम अपनी इच्छा से गिफ्ट के रूप में दी थी। उन्होंने रिश्ते के दौरान क्रेग के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगाए।

लेकिन अदालत ने सभी दावों और उपलब्ध सबूतों की जांच की। डिस्ट्रिक्ट जज शेर्लोट हार्ट ने पाया कि हीदर अपने इस दावे को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सकीं कि पैसा वास्तव में गिफ्ट था। अदालत में बैंक स्टेटमेंट और अन्य जरूरी दस्तावेज भी पेश नहीं किए गए। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने क्रेग के पक्ष में फैसला सुनाया और हीदर को 52 लाख रुपये वापस करने का आदेश दिया।

AI के बढ़ते इस्तेमाल पर नई बहस

फैसले के बाद क्रेग ने कहा कि अगर उन्होंने हार मान ली होती तो शायद उन्हें अपनी रकम वापस नहीं मिल पाती। उनके अनुसार ChatGPT ने उन्हें कानून समझने और अपनी बात व्यवस्थित तरीके से रखने में मदद की।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि AI कानूनी जानकारी समझने में मददगार हो सकता है, लेकिन गंभीर मामलों में पेशेवर कानूनी सलाह लेना जरूरी रहता है। फिर भी क्रेग का मामला दिखाता है कि सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो AI आम लोगों को जटिल प्रक्रियाओं को समझने में मदद कर सकता है।

 

Written By: Geeta Sharma 

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