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भारत ने एआई के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हाल ही में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 में देश भर से ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने एक साथ एआई प्रतिज्ञा ली। यह न केवल एआई के प्रति जनता की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भारत की तकनीकी क्षमता और डिजिटल शिक्षा में रुचि का भी प्रमाण है। समिट का आयोजन नई तकनीकों, एआई अनुप्रयोगों और डिजिटल नवाचारों पर केंद्रित था।
एआई प्रतिज्ञा और जनता की भागीदारी
इस समिट में हिस्सा लेने वाले प्रतिभागियों ने प्रतिज्ञा ली कि वे एआई का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करेंगे और इसे समाज के लाभ के लिए अपनाएंगे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने एआई की वर्तमान और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि एआई को कैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग में लाभकारी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुख्य आकर्षण और कार्यशालाएं
समिट का सबसे बड़ा आकर्षण था "एआई प्रतिज्ञा" अभियान, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों, कॉर्पोरेट्स और आम जनता ने भाग लिया। इस पहल से यह संदेश गया कि एआई सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम नागरिक भी इसे समझें और इसका सही उपयोग करें। इसके अलावा, कई लाइव डेमो और कार्यशालाओं के जरिए लोगों ने एआई टूल्स और उनके व्यवहारिक उपयोग को सीखा।
भारत की एआई क्षमता और भविष्य की दिशा
इस ऐतिहासिक आयोजन का निष्कर्ष यही है कि भारत एआई में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। ढाई लाख लोगों की एआई प्रतिज्ञा ने साबित किया कि देशभर में डिजिटल तकनीकों को अपनाने की जागरूकता बढ़ रही है। यह कदम न केवल तकनीकी प्रगति की ओर संकेत है, बल्कि समाज में जिम्मेदार एआई उपयोग की संस्कृति को भी मजबूत करेगा।
Written by : Anushka sagar

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